नई दिल्ली. लोकसभा में विश्वास मत के दौरान कांग्रेस नीत यूपीए सरकार की मदद के लिए आगे आई समाजवादी पार्टी भी मुश्किलों से घिरती नजर आ रही है। शुक्रवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के संसदीय दल के सभी 39 सदस्यों की बैठक बुलाई। इस बैठक में 12 सांसद नजर नहीं आए। यादव के अनुसार, ये सांसद विभिन्न कारणों से गैरहाजिर रहे।
पार्टी ने तीन पंक्तियों का व्हिप जारी करके अपने सभी सांसदों को 21 व 22 जुलाई को लोकसभा में हाजिर होने और सरकार के पक्ष में वोट डालने को कहा है। फिर भी बैठक में शामिल नहीं हुए सांसद मुनव्वर हसन ने कहा है कि वे व्हिप का उल्लंघन करेंगे और सरकार के खिलाफ वोट डालेंगे। सपा सांसद जयप्रकाश और राजनारायण बुधोलिया ने भी ऐसे ही विचार जताए हैं। हसन के मुताबिक, सपा के सात और सांसद उनके साथ हैं।
गैर हाजिर सांसदों के बारे में पूछे जाने पर पार्टी महासचिव अमर सिंह ने कहा कि अतीक अहमद और अफजल अंसारी जेल में हैं, सलीम इकबाल शेरवानी के परिवार में शादी है। सांसद उषा वर्मा अपने परिवार में गमी के कारण नहीं आ सकीं। कर्नाटक के शिमोगा से सांसद एस बंगरप्पा नहीं आ पाए। दो अन्य सांसद राज बब्बर और बेनी प्रसाद वर्मा पार्टी से निलंबित हैं।
अमर सिंह का दावा है कि फिलहाल सरकार के समर्थन में 280 से अधिक सांसद हैं। वे इस संख्या को कम से कम 290 करना चाहते हैं। कांग्रेसी सांसद में आक्रोश: उधर, हरियाणा के कांग्रेसी सांसद अरविंद शर्मा ने बसपा प्रमुख मायावती को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस और मनमोहन सिंह सरकार पर कड़े प्रहार किए। करनाल के इस सांसद ने सपा से बढ़ती कांग्रेस की नजदीकियों की आलोचना की है।
करार पर बुखारी से मिले सपा नेता
सपा नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह ने दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से शुक्रवार को मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि इमाम ने कहा कि करार भारत के खिलाफ या भारत के पक्ष में हो सकता है। इस बारे में परमाणु विशेषज्ञों को फैसला करना है। करार का मुस्लिम समर्थक या विरोधी होना मुश्किल है।
जो लोग जा रहे हैं, हमें उनकी परवाह नहीं। हमने अन्य बड़ी पार्टियों से इनसे ज्यादा और लोगों का इंतजाम कर लिया है।’
- अमर सिंह, महासचिव, समाजवादी पार्टी