इंदौर. गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे (बीपीएल) परिवारों की थाली से चावल गायब हो गया क्योंकि केंद्र सरकार ने कोटे की कमी बताकर सप्लाय बंद कर दी। हालांकि कोटा पहले से ही धीरे-धीरे कम किया जा रहा था। हालांकि इसकी जगह गेहूं की मात्रा बढ़ा दी है।
केंद्र ने तो मई में ही चावल का आवंटन बंद कर दिया। प्रदेश शासन ने बचा हुआ चावल जून में बांटा और जुलाई में हाथ खड़े कर दिए। अप्रैल तक प्रत्येक बीपीएल परिवार को 15 किलो गेहूं और 5 किलो चावल दिए जा रहे थे। जून में बचे स्टॉक से इंदौर के 1.06 लाख 6 परिवारों को एक-एक किलो चावल बांटा गया।
आगे की गारंटी नहीं
आयुक्त, खाद्य के.पी. सिंह ने बताया केंद्र ने चावल की कमी बताकर आवंटन बंद कर दिया है। अब बीपीएल परिवारों को चावल मिलेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं। जिला खाद्य नियंत्रक एच.एस. परमार ने बताया अब प्रत्येक बीपीएल परिवार को 20 किलो गेहूं ही मिलेंगे।
ऐसे बंद हुए चावल
महीना --- गेहूं ---- चावल
अप्रैल -- 1447 --- 620
मई --- 2001 --- 147
जून --- 2001 --- 000
(नागरिक आपूर्ति निगम के मुताबिक इंदौर को हुई सप्लाय मीट्रिक टन में)