इंदौर.
भोले की भक्ति का मास सावन की शुरुआत शनिवार से हो जाएगी। हर तरफ हरितिमा के बीच फूलों की बहार खुशबू बिखेरेगी और मन खिल उठेगा। सावन के साथ ही एक महीने के लिए शहर शिव की त्नभक्तित्न में डूब जाएगा।
इधर, सावन के लिए लोगों ने खूब तैयारियां की हैं, पेड़ों की डाल पर लगने वाले झूले भी कई जगह तैयार हो गए हैं। चातुर्मास की शुरुआत होने लगी है। इस बार बारिश नहीं होने से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है सभी लोग सावन में भोलेनाथ से शहर में अच्छी बारिश की प्रार्थना करेंगे।
ज्योतिषियों के मुताबिक इस बार श्रावण मास 29 दिनों का होगा। कृष्णपक्ष में एकादशी तिथि क्षय है। इसके अलावा 1 अगस्त और 16 अगस्त को ग्रहण है। श्रावण में चार सोमवार हैं व समापन 16 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ होगा।
सावन क्या है
ऋतुओं का राजा वसंत ऋतु है उसी तरह मासों का राजा सावन कहलाता है। देवों के देव महादेव को सावन मास अत्यंत प्रिय है। इसमें चारों ओर हरियाली होती है।
जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं शिव
इस मास में चारों ओर शिवजी की कृपा प्राप्ति के लिए विभिन्न अनुष्ठान होते हैं, कहीं रुद्राभिषेक तो कहीं पंचामृत अभिषेक। पंडितों के मुताबिक शिवजी को जल अत्यधिक प्रिय है, मात्र जल अर्पण करने से वे प्रसन्न हो जाते हैं।
धार्मिक महत्व
त्योहार ही त्योहार
सावन में सोमवार मंगलागौरी व्रत, नागपंचमी, रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार इस मास में आते हैं। त्योहारों-पर्वो की शुरुआत भी हो जाती है जो दीपावली तक चलती है।
.. इसलिए भी है महत्व
गुरुपूर्णिमा पर गुरुपूजन के बाद श्रावण मास के पहले दिन से वेदाध्ययन की शुरुआत होती थी इसलिए भी सावन का विशेष महत्व है। कालिदास अकादमी के निदेशक डॉ. मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी के मुताबिक इसका दीक्षांत समारोह वसंतपंचमी को होता था।
सावन में जाग जाते हैं शिव
पुराणों में उल्लेख है देवशयनी एकादशी को श्री हरि शयन करते हैं और शिव जागते हैं। शिवजी के जागने से तात्पर्य सावन मास में भोले की भक्ति और आराधना से है। पूरा एक मास यह भक्ति का ही मास है।
मिलती है नई ऊर्जा
आषाढ़ में कई लोग बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं जिन्हें सावन नई ऊर्जा देता है और रोग मुक्ति भी हो जाती है। वैद्य लोकेश जोशी बताते हैं सावन की बूंदें अमृत समान होती हैं। डॉ. राजा दुबे ने कहा विकारों पर नियंत्रण हो जाता है।
जिया जब झूमे सावन है
..तो हर दिन होगी खुशहाली
सावन यानी उत्साह, उमंग..। इस माह में चारों ओर हरियाली रहती है जो जीवन में नई ऊर्जा का संचार करती है। सावन महीना हमें सीख देता है कि यदि जीवन में तप-आराधना, गुरुजनों के प्रति प्रेम के साथ मेहनत, ईमानदारी सदैव रहे तो हर दिन सावन होगा यानी हर दिन खुशहाली होगी।
- चंद्रकांता माहेश्वरी, व्यंकटेशनगर
हरियाली जीवन में खुशियों का प्रतीक है, सावन खुशियां लेकर आता है जो हमें प्रेरणा देता है कि हर दिन हमारे लिए सावन बन जाए। सावन की रिमझिम बरसात मन मोह लेती है लेकिन शहर में इस बार बारिश नहीं होने से चिंताएं हैं, ऐसे में हम इस बार शिवजी से अच्छी बारिश की प्रार्थना भी करेंगे।
- मनीष सेन, एम.जी. रोड
सेवा में सावन का अहसास जब भी किसी बेसहारा व्यक्ति को किसी तरह की मदद मिल जाए तो मुझे उस क्षण सावन का सुखद अहसास होने लगता है। इस तरह हमारे लिए तो सेवा ही सावन है। -केदार हेड़ा, छावनी
पर्यावरण की सुखद हवा
यह मास पर्यावरण की दृष्टि से काफी महत्व रखता है। जब पर्यावरण की सुखद हवा बहती है तो लगता है जैसे सावन आ गया। आषाढ़ में बारिश से पेड़-पौधों को नया जीवन मिलता है। ऐसे में मन पर सावन की शीतलता छा जाती है।
-समीर व्यास, पर्यावरणविद्
चेहरे पर कांति लाता है झूला
सावन में झूले का बड़ा महत्व है। झूले की सुहानी हवा चेहरे की कांति बढ़ाती है वहीं मन भी प्रफुल्लित हो उठता है।
-अशोक टेमले, शासकीय कर्मचारी
उमंग भर देता है सावन
सावन मन से आलस्य की चादर हटाकर उमंग भर देता है। सावन का इंतजार ही इसलिए होता है कि कलियां खिलेंगी और लताएं खिलखिलाएंगी।
-रूपकिशोर गुप्ता, समाजसेवी