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शादी के नाम पर जज्बातों से खेल

इंदौर. खजराना की एक बच्ची की मां को कुंवारी बताकर वडोदरा के जैन युवक से शादी कराने का भंडाफोड़ होने के बाद फर्जी शादियां कराने के नाम पर जज्बातों से खेलने का धंधा फिर चर्चा में है।

त्नभास्करत्न की तहकीकात में पता चला यह काम पूरा गिरोह करता है जिसमें नित नए लोग जुड़ते हैं जो कुछ हजार रुपए में मां-पिता, भाई-बहन, चाचा-चाची कुछ भी बन जाते हैं। शादी होते ही युवती भी कोई बहाना बनाकर ससुराल से भाग आती है।

कई मामलों में तो लोकलाज के कारण रिपोर्ट ही नहीं लिखाई जाती। कोई लिखा भी दे तो कानूनी पेचीदगियां इतनी कि जिम्मेदार लोग सजा पाना तो दूर पुलिस के हाथ भी नहीं लगते।

दूर-दूर तक फैले हैं तार
ऐसी शादियां कराने वाले गिरोह के तार मंदसौर, पवासा, देवास, उज्जैन सहित दूसरे राज्यों में फैले हैं। ऐसे मामलों में नेहरूनगर, वीणानगर, भागीरथपुरा, नंदानगर, खजराना, राजबाड़ा, पीरगली, वैशालीनगर के लोगों के नाम भी आए। इनकी पहली कड़ी होती है जरूरतमंद लड़की या शादीशुदा महिलाएं। बहुत से मामलों में रसोई बनाने वाले युवतियों को लालच देकर बरगलाते हैं। कुछ दिन पति के साथ रहने और फिर लाखों रुपए व जेवरात ऐंठने के साथ वर पक्ष की सामाजिक प्रतिष्ठा से भी खेलते हैं।

कई कानूनी पेचीदगियां

पांच साल में पुलिस ने ऐसे 25 से ज्यादा मामले पकड़े जिनमें आधे कोर्ट में विचाराधीन है। जिनमें फैसले हुए हैं उनमें 70 फीसदी मामलों में आरोपी साक्ष्य के अभाव और लड़की के बदले बयानों के आधार पर बरी हो गए। कानूनविदों के मुताबिक इसमें वर पक्ष की ओर से मजबूत केस होना चाहिए लेकिन वे दूसरे राज्यों के होने के कारण कोर्ट के झमले में पड़ना नहीं चाहते।

बचने के तरीके
>> मैरिज ब्यूरो, दलालों या नए व्यक्तियों से विवाह के प्रस्ताव आने पर वर या वधू के परिवार की पूरी तहकीकात करें।
>> लड़की की मार्कशीट से भी उम्र व नाम पता लगाया जा सकता है।
>> शंका होने पर पुलिस की मदद लें।

शादीशुदा से शादी और ऐंठ लिए 75 हजार रुपए
जुलाई 2008 में वडोदरा में कमलेश जैन की शादी खजराना की जिस विजातीय युवती से हुई वह पति से अलग होकर पिता के यहां रहने लगी थी। तंगी के दौर में उसे पूजा शर्मा ने शीला ठाकुर से मिलाया। उसने सलाह दी नाम, पहनावा और रहन-सहन बदल ले जिससे कुंवारी लगे।

कमलेश से शादी के बाद बहुत दौलत मिलेगी। इसके चलते वह राजी हो गई। फिर सात लोग उसके परिजन बने जिन्हें दस-दस हजार रुपए से ज्यादा मिले। उन्होंने लड़की की एफडी के नाम से 75 हजार रुपए भी ऐंठे। नौ दिन बाद खुलासा हुआ लड़की शादीशुदा और परिजन फर्जी हैं।

आठ दिन बाद मां के इलाज के नाम पर ठगे एक लाख रुपए
जनवरी 2008 में इंदौर, देवास, मनासा व मंदसौर के गिरोह ने मोना पाटनी की शादी अहमदाबाद के कीर्तेश जैन से कराई। इसमें भी पांच फर्जी रिश्तेदार थे। शादी के आठ दिन बाद ही मोना ने पति से मां के लकवे के इलाज के लिए एक लाख रुपए लिए और भाग आई।

एक महीने में ही जेवरात व 75 हजार रुपए ले भागी
2004 में भागीरथपुरा के गिरोह ने पिंकी की शादी अहमदाबाद कराई। एक महीने बाद ही वह लाखों के जेवरात व 70 हजार रुपए चुराकर इंदौर आई और फिर नहीं लौटी। ससुराल पक्ष के लोग इंदौर आए तो पता लगा लड़की सहित सारे रिश्तेदार फर्जी हैं।





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