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पहुंचने से पूर्व ही कांग्रेसी गिरफ्तार

शिवपुरी. मड़ीखेड़ा बांध का नाम बदले जाने के विरोध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को काले झंडे दिखाने जा रहे कांग्रेस नेताओं को बीच रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया गया।

इस दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। लाठी चार्ज से गुस्साएं कांग्रेस नेताओं ने शिवपुरी-नरवर रोड पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया, जिससे पुलिस-प्रशासन सहित कुछ भाजपा नेताओं की गाड़ियां भी मड़ीखेड़ा बांध के लोकापर्ण समारोह में नहीं जा सकीं।

पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालसाहब यादव,पूर्व जिलाध्यक्ष रामसिंह यादव,भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह रघुवंशी, शिवपुरी के पूर्व मंडी अध्यक्ष एनपी शर्मा, कोलारस नपं अध्यक्ष रविन्द्र शिवहरे,बदरवास ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश सिंह बेड़िया, युवक कांग्रेस अध्यक्ष बृजेन्द्र पड्रया, लक्ष्मीनारायण धाकड़, राजेश यादव, युकां के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शर्मा,योगेश करारे, लक्ष्मण शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं को तब तक थाना परिसर में बिठाए रखा, जब तक कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त नहीं हो गया।

सिंध परियोजना के तहत बनाए गए मड़ीखेड़ा बांध का लोकार्पण करने के लिए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और चिकित्सा शिक्षा मंत्री गौरीशंकर शेजवार पहुंचे, लेकिन कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री को घेरने की पहले ही रणनीति बना चुके थे। कांग्रेस नेताओं को आपत्ति इस बात पर है कि भाजपा सरकार ने मड़ीखेड़ा बांध का नाम बदल कर अटल सागर प्रस्तावित कर दिया है, जबकि मड़ीखेड़ा बांध का नामकरण दो दशक पूर्व ही अमर शहीद तात्योटोपे के नाम पर हो चुका है।

पहले कांग्रेस नेताओं की योजना शिवपुरी हवाईपट्टी पर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की थी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वे शिवपुरी न आते हुए सीधे मड़ीखेड़ा पहुंच रहे हैं, तो कांग्रेसियों ने भी मड़ीखेड़ा के लिए दौड़ लगा दी। कुछ कांग्रेस नेता चार पहिया तो कुछ दोपहिया वाहन से मड़ीखेड़ा के लिए कूच कर गए, लेकिन वे यह बांध के लोकार्पण समारोह में पहुंच कर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखा पाते, उससे पहले ही उन्हें नरवर रोड पर चांड नाके पर पुलिस ने रोक लिया। इस बात को लेकर कांग्रेसियों की पुलिस से तीखी झड़प हो गई।

बताया जाता है कि पुलिस ने कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठियां भी चला दीं, जिससें कांग्रेसी और भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए शिवपुरी-नरवर मार्ग पर जाम लगा दिया। चक्काजाम में प्रशासनिक अधिकारियों सहित कुछ भाजपा नेताओं के वाहन भी फंस गए।

कांग्रेसियों की मंशा थी कि जब वे मड़ीखेड़ा नहीं पहुंच सके, तो दूसरे लोगों को भी नहीं पहुंचने देंगे। लगभग एक घंटे तक कांग्रेसी चांड नाके पर प्रदर्शन करते रहे, जब जाम खुलता दिखाई नहीं दिया तो पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार होने के बाद भी जब कांग्रेस नेताओं तेवर ढीले नहीं पड़े तो फिर पुलिस ने उन्हें सतनवाड़ा लाकर थाने में बंद कर दिया।

बीमारी से तंग महिला ने कुएं में कूद कर जान दी
बामौरकलां. बीमारी से परेशान एक महिला ने कुएं में कूदकर अपनी जीवनलाला समाप्त कर ली। यह घटना शुक्रवार की दोपहर दो बजे के लगभग ग्राम सप्तीखेड़ा में हुई। बामौरकला पुलिस ने शव का पीएम कराने के बाद मामले को विवेचना में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार बामौरकलां कस्बे से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सप्तीखेड़ा में कौशल्या(30) पत्नी कल्याण सिंह लोधी लम्बे समय से टीबी की बीमारी से ग्रसित थी। इलाज के बाद भी उसे आराम नहीं मिल रहा था। लिहाजा बीमारी से तंग आकर कौशल्या ने गांव के बाहर स्थित कुएं में छलांग लगा दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

धमाके से गांवों में दहशत
खनियांधाना/बामौरकलां. शुक्रवार की दोपहर हुए तेज धमाके से खनियांधाना, बामौरकलां सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण दहशत में है। यह धमाका किसका हुआ,यह तो ज्ञात नहीं है, लेकिन आवाज इतनी तेज थी कि वह बामौरकला सहित लगभग 40 गांवों के ग्रामीणों को सुनाई दी।

दोपहर 12.30 बजे के लगभग सुनाई देने वाली विस्फोटक आवाज से लोग अभी तक डरे-सहमे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा लगा जैसे आसमान फट गया हो। एक ही समय एक साथ हजारों लोगों को सुनाई देने वाली धमाके की आवाज को ग्रामीण अनहोनी से जोड़ रहे हैं। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर इस िआवाज का पता लगाने की भी कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका।





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