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रमन ने प्रधानमंत्री की चिट्ठी दबाई

रायपुर. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि कर्ज माफी के फैसले के संबंध में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा किसानों को लिखी गई चिट्ठी मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने दबा दी। उस पत्र के स्थान पर मुख्यमंत्री ने अपने नाम से किसानों को पत्र बंटवा दिए।

कर्ज माफी के फैसले के साथ ही प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने देश भर के किसानों के नाम पत्र प्रेषित किया। वह चिट्ठी फाइलों में ही दबी रह गई। जवाब में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह का लिखा पत्र गांव - गांव में बांटा जा रहा है।

श्री साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 10 जून को किसानों के नाम पत्र लिखा। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के किसानों का 550 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया है। राज्य शासन को पत्र बांटने का जिम्मा दिया गया था। पत्र में प्रधानमंत्री ने किसानों की कर्ज माफी योजना के बारे में जानकारी दी है।

श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उक्त पत्र के बजाय खुद अपने नाम से किसानों को पत्र बंटवा दिए। डा. रमन ने अपने पत्र में कर्ज माफी का श्रेय अपनी सरकार को दिया है। जबकि यूपीए सरकार ने किसानों की कर्जमाफी का प्रमाणपत्र तक जारी किया है। लेकिन प्राइमरी सोसाइटियों में डा.रमन सिंह का पत्र बंट रहा है।

श्री साहू ने कहा कि रमन सरकार केंद्र की योजनाएं चोरी कर इसी तरह श्रेय लेने में लगी है। वन भूमि का पट्टा देने के मामले में हीला हवाला किया जाना और शौचालय योजना को निर्मल ग्राम योजना का नाम देना इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कर्ज का ब्याज 14 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर दिया है। राज्य सरकार इसमें सिर्फ एक फीसदी अनुदान दे रही है फिर भी वाहवाही लूटने के लिए किसानों को गलत जानकारी दी जा रही है।

पीसीसी ने प्रदेश में खाद संकट के लिए रमन सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। श्री साहू ने कहा कि खाद की दो रैक वापस लौट गई क्योंकि सरकार ने ड्राफ्ट नहीं जमा किया था। खाद के लिए रमन सरकार ने न तो डिमांड रखी न ही वितरण की कोई तैयारी की।

डीलर्स खुलेआम खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब तक एक भी कार्रवाई नहीं की गई है। छत्तीसगढ़ में किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। खाद वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है। रमन सिंह के राज में अफसरों के लिए प्रभारवाद चल रहा है। जिन अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है उन्हें हटाने की जरुरत है।

रमन पर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा
श्री साहू ने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री ने पत्र के मामले में चीटिंग की है। उस संबंध में कानूनी राय ली जा रही है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।

नहीं बनी समन्वय समिति
पीसीसी अध्यक्ष ने साफ किया कि अभी तक समन्वय समिति नहीं बनी है। पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी ने दो दिन पहले दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली थी। उन्होंने समन्वय समिति जल्द ही घोषित किए जाने की बात कही है।

जोगी परिवार पर कटाक्ष औचित्यहीन
श्री साहू ने कांग्रेस विधायक दल के उपनेता भूपेश बघेल द्वारा जोगी परिवार पर किए गए कटाक्ष को औचित्यहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि अमित जोगी कांग्रेस के सदस्य हैं। जिस परिवार का मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री हो उस परिवार की पार्टी की सदस्यता को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है।

अजीत जोगी प्रभावी और जिम्मेदार नेता हैं। पीसीसी ने सभी नेताओं व सदस्यों को बयानबाजी से परहेज करने कहा है। सोनिया गांधी ने भी अनुशासनहीनता बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। श्री साहू ने कहा कि कोरबा जिला सम्मेलन में हंगामा व मारपीट करने वाले कुछ कार्यकर्ताओं की पहचान हो गई है। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

तिवारी पर बरसे हसन
पीसीसी के नए प्रवक्ताओं के बीच विवाद गहराता ही जा रहा है। आज पत्रकारवार्ता के दौरान प्रमुख प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने हसन खान का परिचय संभागीय प्रवक्ता के रूप में दिया। इससे खफा होकर श्री हसन प्रमुख प्रवक्ता पर ही बरस पड़े। खुद को पीसीसी का प्रवक्ता बताते हुए उन्होंने यहां तक कह दिया कि उनकी नियुक्ति दिल्ली से हुई है। जबकि राजेन्द्र तिवारी को प्रमुख प्रवक्ता का पद रायपुर में मिला है। श्री हसन काफी देर तक नाराजगी जाहिर करते रहे।





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