जयपुर.
गुरु पूर्णिमा पर्व पर शुक्रवार को सभी मंदिरों में गुरुर्ब्रम्हा, गुरुर्विष्णु:, गुरुर्देवो महेश्वर: और दीक्षा मूलम जपम सर्वम, दीक्षा मूलम तपम सर्वमत्न जैसे मंत्रों की गूंज से वातावरण गुरुमय हो गया।
मंदिरों में भगवान का नई पोशाक के साथ अभिषेक, फूल बंगला झांकी और नए शिष्यों ने दीक्षा ग्रहण कर गुरु पूजन, पादुका पूजन किया। आषाढ़ी पूर्णिमा पर लोगों ने व्रत रखा, गलता में स्नान किया और दान किया।
गलता तीर्थ में सुबह पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य ने गालव ऋषि व पयोहारीजी की गद्दी व गुफा का चित्र पूजन किया। इस अवसर पर करीब पांच सौ शिष्यों ने गुरु दीक्षा ग्रहण की। छोटी चौपड़ से श्रद्धालुओं के लिए सुबह से ही निशुल्क बसों की व्यवस्था की गई थी।
लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में महंत पुरुषोत्तम भारती ने भगवान का पंचामृत अभिषेक किया। इस मौके पर विशेष पूजन के साथ ही नए शिष्यों को दीक्षा दी गई। खोले के हनुमान मंदिर में हनुमानजी का अभिषेक व पूजन किया गया। सांगानेरी गेट स्थित पूर्वमुखी हनुमान मंदिर में हनुमानजी की फूल बंगला झांकी सजाई गई। इस अवसर पर भक्तों ने हवन यज्ञ किया।
शोभायात्रा : गुरु पूर्णिमा महोत्सव समिति की ओर से रामनिवास बाग म्यूजियम रोड के शिव सत्संग भवन से कृष्णानंद महाराज के चित्र की विशेष झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों व लवाजमे के साथ भक्त संकीर्तन करते हुए चल रहे थे। यात्रा सांगानेरी गेट, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ होती हुई सीताराम मंदिर पहुंची।
इस दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यहां दिनभर श्रद्धालुओं ने पादुका पूजन किया। पानों का दरीबा के सरस निकुंज में शुकसंप्रदायाचार्य अलबेली माधुरीशरण के सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। बड़ी संख्या में शिष्यों ने दीक्षा ग्रहण की। इस मौके पर राधासरस बिहारीजू की विशेष झांकी सजाई गई व आरती दर्शन हुए।
हाथोज के दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर में महंत बालमुकुंदाचार्य के सान्निध्य में हनुमानजी की आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई गई और गुरुपूजन किया गया। दक्षिणमुखी बालाजी सत्संग मंडल हाथोज की ओर से भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। विश्वकर्मा रोड नंबर 14 के मोक्षेश्वर महादेव मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव भजन संध्या आयोजित की गई व नए शिष्यों का दीक्षा समारोह हुआ।
ब्रम्हापुरी के चमत्कारेश्वरी माता मंदिर में सामूहिक गुरु पूजन के साथ फूल बंगला झांकी सजाई गई। विश्व जाग्रति मिशन, राम जन मंडल सेवा समिति सांगानेर, रामाश्रम सत्संग मथुरा व शिरडी सांई बाबा मंदिर बापूनगर की ओर से भजन संध्या, कैलाशपुरी टोंक रोड स्थित सरइ बाबा मंदिर में सामूहिक अभिषेक किया गया। संत कृपा प्रतिष्ठान की ओर से आदर्श नगर में व्यासपूजा, गुरुपूजन व प्रवचन के साथ बालसाधकों को हिंदू रक्षण का संदेश देने वाली नाटिका का आयोजन हुआ। नाथ योगी समाज विकास समिति की ओर से दिल्ली बाइपास रोड स्थित विजय महल महादेव मंदिर में भजन-कीर्तन हुआ।
श्री दादागुरु बलवंत व्यायामशाला में शिष्यों ने व्यायामशाला के गुरु व संचालक लीलाधर महावर को माला पहनाकर उनकी पूजा की। इस मौके पर महेश दालवाला, महेंद्र यादव, रमेश टेल, प्रदीप टिक्कीवाल, विठ्ठलबिहारी अग्रवाल मौजूद थे। शंकराचार्य अध्यात्म विद्या सेवा संस्थानम की ओर से वैशाली नगर के क्वींस रोड स्थित बरसाना में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया।
इस मौके पर प्रज्ञानंद महाराज के सान्निध्य में गुरु शिष्य परंपरा के अनुरूप गुरु पूजन संपन्न हुआ। श्यामाशीष परिवार व श्याम सेवक परिवार की ओर से आध्यात्मिक जाग्रति लाने के उद्देश्य से इस महोत्सव में सुबह उषा पूजन व पादुका पूजन के बाद दीक्षा कार्यक्रम हुआ। कुंदीगर भैरूजी का रास्ता स्थित विजयगच्छ मंदिर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। महाराजा सवाई भवानी सिंह स्कूल जगतपुरा में गुरु की महिमा का गान किया गया। बच्चों ने सभी अध्यापक अध्यापिकाओं को तिलक लगाकर उनसे आशीर्वाद लिया।
आमेर रोड स्थित पहाड़ी वाले बाबा आश्रम में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुदेव के चरणों में वंदना करने पहुंची। उन्होंने गुरुदेव को श्रीफल व शॉल भेंट किया।
अन्य आयोजन : दिव्य जाग्रति संस्थान सोढ़ाला व दिव्य ज्योति ट्रस्ट की ओर से मालवीय नगर के शहीद अमित भारद्वाज पार्क में गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर रक्तदान शिविर लगाया गया।
मानसरोवर पटेल मार्ग की प्रजापति विहार कॉलोनी के गुरुकुल वेदाश्रम में 51 कुंडीय लक्ष्मीनारायण यज्ञ और यज्ञाचार्य मनोहर चतुर्वेदी के सान्निध्य में गुरुपूजा महोत्सव का आयोजन हुआ। पंडित पुरुषोत्तम गौड़ के सान्निध्य में सीवेज फार्म में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में नए शिष्यों ने गुरुदीक्षा ली।
बनीपार्क के सहजयोग साधना केंद्र में श्री माताजी निर्मलादेवी सहजयोग ट्रस्ट के प्रदेश प्रभारी श्रीचंद चौधरी ने साधकों से कहा कि सद्गुरु ज्ञान ज्योति के द्वारा कमल के वन संपुटों को खोलकर ब्रम्हा दर्शन कराते हैं। जो गुरुविहीन हैं उन्हें कौन ब्रrा बताएगा।