मुंबई.देश में पहली बार किसी व्यक्ति के शरीर में दो पेसमेकर लगाए गए हैं। इनमें से एक हृदय रोग के लिए और दूसरा पार्कि सन रोग के लिए है। हाईकोर्ट की पूर्व जज और जयपुर निवासी मोहिनी कपूर (74) का यह सफल ऑपरेशन मुंबई में जसलोक अस्पताल व शोध केंद्र के डाक्टरों ने किया।
डाक्टरों के अनुसार कपूर के पार्किसन रोग के लक्षण लगभग पूरी तरह खत्म हो गए हैं। ऑपरेशन के बाद पेसमेकरों में प्रोग्रामिंग कपूर के कक्ष में की गई।
किसे लगा
देश में अपनी किस्म का यह पहला ऑपरेशन जयपुर निवासी हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त जज मोहिनी कपूर (74) का हुआ। हृदयरोग के कारण उन्हें दिल में पहले ही एक पेसमेकर लगा हुआ था।
क्या है डीबीएस
डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) शल्यक्रिया की ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें न्यूरोस्टिमुलेटर नामक बैटरी चलित उपकरण नसों की कई तरह की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए शरीर में लगाया जाता है। यह हृदयरोग में लगने वाले पेसमेकर की ही तरह होता है। इससे पार्किसन रोग से पीड़ित व्यक्ति के शरीर के कंपन, कठोरपन, अकड़न, धीमी गति से काम करना तथा चलने में परेशानी जैसी समस्याओं को दूर किया जाता है।
क्या थी परेशानी
दिल में लगा पेसमेकर दिमाग में लगने वाले पेसमेकर के साथ मिलकर कोई नई तरह की समस्या पैदा न कर दे। डाक्टरों की टीम के लिए यह चुनौती थी।
कैसे किया ऑपरेशन
जसलोक अस्पताल व शोध केंद्र के स्टीरियोटैक्टिक एंड फंक्शनल न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष परेश दोशी ने गुरुवार को बताया कि मस्तिष्क में दो इलेक्ट्रॉड लगाए गए, जिन्हें करंट देने के लिए पल्स जेनरेटर पेसमेकर से जोड़ा गया। इलैक्ट्रॉड लगाते समय दिल की धड़कनों को काबू में रखने तथा दिल व दिमाग के पेसमेकरों द्वारा आपस में मिलकर कोई नया संकट खड़ा करने से रोकने की व्यवस्था की गई। इस ऑपरेशन के बाद डाक्टरों के अनुसार मरीज की हालत एकदम ठीक है और कुछ ही दिनों में वे सामान्य हो जाएंगी लेकिन बड़े ऑपरेशन के कारण कुछ दिनों के लिए उन्हें बेहद सावधानी बरतनी होगी।