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राजस्थानी-भोजपुरी पर यूपीएससी को आपत्ति

अजमेर. राजस्थानी और भोजपुरी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आपत्ति की है।

आयोग ने सरकार से आग्रह किया है कि परीक्षा आयोजन के लिए आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को असंबद्ध कर दिया जाए, ताकि दिक्कत न हो। लिहाजा केन्द्र सरकार ने अंतिम निर्णय होने तक दोनों भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का मसला स्थगित कर दिया है।

केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने राज्यसभा सदस्य और महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रभा ठाकुर को उनके पत्र के जवाब में लिखा है कि राजस्थानी और भोजपुरी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल की गई किसी भी भाषा में परीक्षा देने की अनुमति दी जाती है।

यूपीएससी ने सरकार से आग्रह किया है कि आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने में आयोग को हो रही परेशानियों को ध्यान मे रखते हुए आयोग की परीक्षा योजना से इन भाषाओं को असंबद्ध कर दिया जाए। इसे ध्यान में रखते हुए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने परामर्श दिया है कि परीक्षा संबंधी मसले का निर्णय होने तक दोनों भाषाओं को अनुसूची में शामिल करने मामला स्थगित रखा जाए, लिहाजा भाषा नीति तय किए जाने तक दोनों भाषाएं अनुसूची से बाहर ही रहेंगी।





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