HomeNewsInternational International

मुशर्रफ को हटाने के पक्ष में जनता

इस्लामाबादपाकिस्तान के अधिकतर लोगों का मानना है कि देश गलत दिशा में बढ़ रहा है और सरकार को तत्काल राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ महाभियोग लगाना चाहिए। अमेरिका स्थित इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट द्वारा एक जून से १५ जून के बीच कराए गए सर्वेक्षण में करीब 86 फीसदी लोगों का मानना था कि पाकिस्तान गलत दिशा की ओर बढ़ रहा है, जबकि महज १२ प्रतिशत का कहना था कि देश के हालात ठीक हैं।

सर्वेक्षण के दौरान चार प्रांतों के ५क् जिलों में २२३ ग्रामीण एवं 127 शहरी क्षेत्रों के 3484 वयस्क पुरुषों एवं महिलाओं का चयन किया गया। फरवरी में चुनाव के बाद पीपीपी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार के गठन के बाद किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा इस तरह का यह पहला सर्वेक्षण है। सर्वेक्षण के मुताबिक ८३ फीसदी लोग राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को पद से हटाए जाने के पक्ष में हैं। करीब 67 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे परमाणु वैज्ञानिक डा. अब्दुल कादिर खान को देश का अगला राष्ट्रपति बनाए जाने के हिमायती हैं, वहीं 15 फीसदी इसके विरोध में हैं। मुशर्रफ की घटती लोकप्रियता और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद पीएमएल के मुखिया नवाज शरीफ देश में सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं।

करीब 82 फीसदी जनता श्री शरीफ को पसंद करती है, जबकि महज छह प्रतिशत लोग ही ऐसा नहीं मानते। रोचक बात है कि लोकप्रिय हस्तियों की सूची में डा. खान ७६ फीसदी वोट के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

वहीं अपदस्थ मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ६५ प्रतिशत लोगों की पसंद बनकर संयुक्त रुप से तीसरे स्थान पर हैं। सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि मुशर्रफ की गद्दी का समर्थन करने वालों की संख्या में तेजी से कमी आई है।

महज ११ फीसदी लोगों का कहना है कि वे उनके प्रदर्शन से खुश हैं जबकि 75 प्रतिशत जनता पूर्व सेनाध्यक्ष से खुश नहीं है। जून २क्क्६ में हुए एक सर्वे के मुताबिक ५२ प्रतिशत लोगों की नजरमें राष्ट्रपति मुशर्रफ देश के सबसे लोकप्रिय नेता थे।

वहीं इस बार सिर्फ नौ फीसदी लोगों ने ही कहा कि वे मुशर्रफ को पसंद करते हैं। जब यह पूछा गया कि कौन सा नेता देश की समस्याओं से सबसे बेहतर ढंग से निपट सकता है तो मुशर्रफ सिर्फ तीन प्रतिशत लोगों की ही पसंद बने। राष्ट्रपति को हटाए जाने के पक्ष में अब तक सबसे अधिक ८५ फीसदी जनता ने हां में जवाब दिया जो पिछले सर्वेक्षण की तुलनामें दस प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा 79 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यदि मुर्शरफ राष्ट्रपति पद से हट जाते हैं, तो उन्हें बेहतर महसूस होगा। मुशर्रफ की ही तरह उनके सहयोगियों की छवि भी जनता के बीच कुछ ठीक नहीं है।

सर्वेक्षण में सिर्फ आठ फीसदी लोगों ने पीएमएल क्यू केपरवेज इलाही और चौधरी शुजात हुसैन को पसंद किया है। लोकहित से जुडे मुद्दों पर मौजूदा सरकार के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर ४१ फीसदी लोगों ने सकारात्मक जवाब दिया, जबकि ५१प्रतिशत जनता ने नकारात्मक जवाब दिया। पाकिस्तान की जनता अपदस्थ जजों की बहाली को लेकर भी एकमत नहीं है और ८३ प्रतिशत लोगों ने जजों को फिर से बहाल किए जाने के पक्ष में दिखे। जब यहपूछा गया कि उनके लिए यह मुद्दा कितना महत्वपूर्ण है तो ८६ फीसदी लोगों ने इसे अहम बताया।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 

आपके विचार
VISHNOI OMPRAKASH DHAKA
Saturday, 19th Jul 2008, 10:05
musrrf ko hatao
ahaamada
Saturday, 19th Jul 2008, 11:35
Its a very very glad.. gold... bright disition for Mahabhiyog against Mussarraff