नई दिल्ली. अमेरिकी दवा नियामक (एफडीए) के संसदीय जांच के घेरे में आने के बाद रेनबैक्सी ने बहुराष्ट्रीय कंपनी की साजिश की ओर इशारा किया है। कंपनी का कहना है कि उसकी दवाओं को एफडीए से मंजूरी की जांच की चर्चा के पीछे बड़ा खेल है। जापानी कंपनी दायची सैंक्यो के साथ सौदे को विफल बनाने की कोशिश की जा रही है।
रेनबैक्सी सीईओ मालविंदर मोहन सिंह का कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस की कमेटी द्वारा कंपनी की दवाओं को एफडीए की मंजूरी की जांच के पीछे बहुराष्ट्रीय कंपनी का बड़ा खेल है। यह कंपनी रेनबैक्सी के दायची से सौदे को विफल बनाने का प्रयास कर रही है।
सस्ती बनाम महंगी दवा
सिंह ने कहा कि सारे मसले दायची सैंक्यों से सौदेबाजी के बाद उठ रहे हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है, केवल रेनबैक्सी का मामला नहीं है, बल्कि ऊंची गुणवत्ता की सस्ती दवाओं और महंगी इन्नोवेटिव दवाओं के बीच जंग है। न्याय विभाग ने अमेरिकी अदालत में रेनबैक्सी के खिलाफ एक दावा भी पेश किया है। इसमें धोखाधड़ी जैसे व्यवहार और एफडीए को गलत जानकारी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। गुरुवार को ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिकी कांग्रेस कमेटी रेनबैक्सी की दवाओं को बिक्री की अनुमति देने की जांच करेगी। सिंह ने सारे आरोपों को गलत बताया और कहा कि वे अमेरिकी बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली सस्ती दवाओं की आपूर्ति जारी रखेंगे।
क्यों है विरोध
सिंह ने कहा कि दायची से सौदे के बाद रेनबैक्सी तेजी से विकास करने वाली थी। कुछ विरोधियों को यह रास नहीं आ रहा था।
असर नहीं होगा
सिंह का कहना है कि अमेरिकी घटनाओं का रेनबैक्सी की दवाओं की बिक्री पर कोई असर नहीं होगा।
अब भी कंपनी अमेरिका में दवाओं की आपूर्ति जारी रखेगी।
कुछ लोग जरूर हैं जो कंपनी को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
ओपन आफर:
दायची सैंक्यों के ओपन आफर के बारे में सिंह ने कहा कि रेग्युलेटरी मंजूरियां आने वाली हैं। ओपन आफर की प्रक्रिया ठीक चल रही है।