माउंटआबू. माउंट आबू को इको-सेंसिटिव जोन घोषित करने के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दो महीने में प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर देगा।
प्रारंभिक अधिसूचना के आधार पर जन सुनवाई व आपत्ति-सुझावों को देखते हुए अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। मंत्रालय के अफसरों ने माउंट के बाशिंदों को भरोसा दिलाया है कि यह जोन घोषित होने पर लोगों के हितों एवं संवैधानिक अधिकारों का हनन नहीं होगा।
इको संेसेटिव जोन घोषित करने से पहले माउंट की जमीनी हकीकत देखने के लिए शुक्रवार को माउंट आबू पहुंचे मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव आरएस परसीरा ने जन सुनवाई के दौरान कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि माउंट की पारिस्थितिकी में बदलाव आया है। अवैध निर्माण बढ़ने के साथ भूजल स्तर गिरा है। उन्होंने लोगों के सुझाव लिए और कहा कि यह सोचना गलत है कि यहां कोई बेढंगे नियम थोंपे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इको सेंसिटिव जोन बनना माउंट के हित में है और इससे हम पर्यावरण को बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि एक बार प्रारंभिक अधिसूचना जारी होने के बाद अंतिम अधिसूचना जारी होने में दो महीने का ही वक्त लगेगा। इसे देखते हुए उम्मीद है कि अगले चार महीनों में मंत्रालय यह कवायद पूरी कर लेगा।