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..डिस्पेंसरी बन जाएगा एमबीएस

कोटा. hosp हाड़ौती को महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने वाले राजकीय एमबीएस अस्पताल से कई चिकित्सा सुविधाएं छिनने वाली है। इन सुविधाओं को मेडिकल कॉलेज में बने नए अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने न तो स्टॉफ दिया, न ही पर्याप्त बजट।

मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्मित 460 बेड के अस्पताल को अगस्त माह में चालू करने की योजना है। इसके लिए एमबीएस अस्पताल से चिकित्सा विभाग व स्टॉफ को वहां स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों से तैयार रहने तथा विभाग के उपकरणों की सूची बनाकर तैयार रखने को कहा है।

इन विभागों को भेजने की तैयारी
एमबीएस से पहले चरण में नेत्र, ईएनटी, मनोचिकित्सा, डेन्टल, चर्म व यूरोलॉजी विभाग को स्थानांतरित किया जा रहा है। इनके बारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सैद्धांतिक रूप से निर्णय ले लिया है। इसके बाद आवश्यकतानुसार दूसरे विभागों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

एमबीएस का कोई निर्णय नहीं
जिस प्रकार एमबीएस अस्पताल की सुविधाओं को हटाया जा रहा है, उससे इसका स्वरूप जिला अस्पताल का भी नहीं रहेगा। यहां की सुविधाएं मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में स्थानांतरित करने के बाद इस अस्पताल की क्या स्थिति रहेगी, इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है। चूंकि 8 मई 2007 को रामपुरा सैटेलाइट अस्पताल को जिला अस्पताल घोषित किया जा चुका है, इसलिए एमबीएस को जिला अस्पताल भी नहीं बनाया जा सकता। इसकी हालत डिस्पेंसरी जैसी न हो जाए?

स्टाफ व बजट नहीं
नए अस्पताल के लिए मेडिकल कॉलेज को न तो पर्याप्त बजट मिला न ही स्टॉफ। प्राचार्य जी.एल.वर्मा बताते हैं कि अस्पताल के लिए 2.40 करोड़ का बजट मांगा गया था, इसके बदले केवल 60 लाख रुपए का बजट मिला है। स्टॉफ नहीं मिला, संविदा पर रखने की स्वीकृति अवश्य मिली है।

क्या हो सकता है स्वरूप
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य जी.एल.वर्मा ने बताया कि यदि एमबीएस की सभी सुविधाएं मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में जाती है तो एमबीएस को जेके लॉन अस्पताल के विस्तार के रूप में काम में लिया। उधर, सीएमएचओ शिवरतन सिंह राठौड़ ने कहा कि एमबीएस से पहले रामपुरा सेटेलाइट को जिला अस्पताल बना दिया गया है। राज्य सरकार चाहे तो रामपुरा को सैटेलाइट व इसे जिला अस्पताल बना सकती है।

कांग्रेस करेगी आंदोलन

एमबीएस अस्पताल से चिकित्सा सुविधाएं स्थानांतरित करने के विरोध में कांग्रेस आंदोलन करेगी। पार्टी के शहर अध्यक्ष शांति धारीवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एमबीएस में वर्तमान चिकित्सा सुविधाओं को बहाल रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है।

चार वर्षे से घोर अव्यवस्था व मरीजों और डॉक्टरों के झगड़े के बावजूद यह अस्पताल मरीजों की आशा का किरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नए अस्पताल के लिए राज्य सरकार को एमबीएस अस्पताल से सुविधाएं हटाने की अपेक्षा पर्याप्त बजट स्वीकृत करके नए संसाधन की व्यवस्था करना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो एमबीएस एक डिस्पेंसरी बनकर रह जाएगा। इससे हाड़ौती की जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी यहां से चिकित्सा सुविधाएं हटाई जाती है तो कांग्रेस जनमत जागृत करके आंदोलन शुरू करेगी।





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