नई दिल्ली.
राजनीतिक पार्टियों को अब बागियों की चिंता सताने लगी है। कांग्रेस के एक और सांसद अरविंद शर्मा ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिए। विश्वास प्रस्ताव से तीन दिन पहले सपा की बैठक में 12 सांसदों के न पहुंचने से यूपीए की चिंता बढ़ गई। एमडीएमके ने दो सांसदों के बगावती सुर देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आग्रह किया कि यदि उसकी पार्टी के सांसद सरकार के पक्ष में वोट दें तो उन्हें अयोग्य करार दिया जाए। झामुमो के चीफ व्हिप टेकलाल महतो ने सरकार के पक्ष में जाने का संकेत तो दिया, पर ‘गुरुजी’ ने अपना मुंह बंद रखा। जद(एस) के केरल इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने सरकार के खिलाफ जाने की बात कहकर सरकार की धुकधुकी बढ़ा दी है।
सरकार चिंतित-समाजवादी पार्टी के सांसदों की बेवफाई की आशंका ने यूपीए सरकार को चिंतित कर दिया है। शुक्रवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के संसदीय दल के सभी 39 सदस्यों की बैठक बुलाई। इस बैठक में 12 सांसद नजर नहीं आए। इस खबर से यूपीए के रणनीतिकारों के होश फाख्ता हो गए हैं। इस बीच, बैठक में शामिल नहीं हुए सांसद मुनव्वर हसन ने कहा है कि वे व्हिप का उल्लंघन करेंगे और सरकार के खिलाफ वोट डालेंगे।
बुखारी से मिले सपा नेता -सपा नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह ने दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से शुक्रवार को मुलाकात की।
माकपा ने चटर्जी को रखा व्हिप से अलग: माकपा ने लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को अपने सांसदों के लिए जारी व्हिप से अलग रखा है। इस व्हिप के जरिए पार्टी सांसदों को 22 जुलाई को होने वाले विश्वास मत में केंद्र सरकार के खिलाफ मतदान करने को कहा गया है। माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष अपना पद छोड़ दें, तो वह दोबारा राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
इस्तीफा दें प्रधानमंत्री :
भाजपा ने शुक्रवार को नया दांव खेला। पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह ने सांसदों की खरीद-फरोख्त का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से विश्वास मत हासिल करने के बजाय फौरन इस्तीफा देने की मांग की।
राजनाथ ने आरोप लगाया कि सरकार बचाने के लिए जो हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, उनसे संसद की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। लोगों का संसद से भरोसा उठ रहा है। ऐसे में यह विश्वास मत कोई मायने नहीं रखता।
परोक्ष रूप से सरकार के करीब आई समाजवादी पार्टी को लपेटे में लेते हुए राजनाथ ने कहा कि इन चार सालों में तो केवल कामकाज का नुकसान हुआ था। अब तो सरकार की गोपनीय फाइलें उन नेताओं को दिखाई जा रही हैं, जो कांग्रेस का समर्थन में आने को तैयार हैं।
माया ने कांग्रेसी सांसद अपने पाले में खींचा
हरियाणा स्थित करनाल के कांग्रेस सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को यूपीए सरकार के विश्वास मत से ऐन पहले अपने पाले में खींचकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस को झटका दिया है। शर्मा ने बगावती तेवर दिखाते हुए यूपीए सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री को निशाना बनाया।
उन्होंने कहा कि जिन मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह का नाम कांग्रेसी सांसद सुनना भी पसंद नहीं करते थे, आज पार्टी उन्हीं के सहारे सत्ता से बनी रहना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, करनाल रैली में मायावती द्वारा हरियाणा में किसी गैर जाट को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने की घोषणा के बाद से ही शर्मा ने बसपा का दामन थामने का मन बना लिया था। बसपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार आरंभ में मायावती उन्हें पार्टी की हरियाणा इकाई की कमान सौंपने और मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने को लेकर कुछ दुविधा में थीं, लेकिन कांग्रेस द्वारा सीबीआई के जरिए उन पर बनाए गए दबाव के बाद यह दुविधा दूर हो गई। शर्मा ने कांग्रेस छोड़ने की घोषणा जानबूझकर नहीं की है ताकि उन्हें विश्वास मत से पहले लोकसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सके।
मायावती पीएम पद की प्रबल दावेदार: भाकपा
यूपीए व एनडीए को आगाह करने वाले एक घटनाक्रम के तहत भाकपा महासचिव एबी वर्धन ने कहा है कि यूपीए सरकार गिरने की स्थिति में बसपा सुप्रीमो मायावती प्रधानमंत्री पद की प्रबल दावेदार हो सकती हैं।
इससे पहले, तेदेपा और टीआरएस नेता भी मायावती को प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने की बात कह चुके हैं। वर्धन से जब इस मसले पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर विश्वास मत के दौरान सरकार गिरती है और नई सरकार बनने की स्थिति पैदा होती है तो प्रधानमंत्री के लिए कई दावेदार हैं। फिर भी मायावती एक प्रबल दावेदार हैं। जब उनसे अन्य दावेदारों के नाम पूछे गए तो वे जवाब टाल गए।
यूएनपीए भी सक्रिय: शुक्रवार को तेदेपा नेता येरन नायडू और यूएनपीए के संयोजक के. राममोहन राव ने रालोद नेता अजित सिंह से मुलाकात की। अजित सिंह का उनसे यही कहना था कि चंद्रबाबू नायडू आ ही रहे,उनसे ही बात कर लेंगे। इसके अलावा इन नेताओं ने माकपा महासचिव प्रकाश करात और भाकपा नेता एबी वर्धन से मुलाकात कर वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। शनिवार को तेदेपा नेता चंद्रबाबू नायडू दो दिन के लिए दिल्ली आ रहे हैं। वे यहां विभिन्न नेताओं से मुलाकात करके यूएनपीए की आगे की रणनीति तय करेंगे।
निगाह अब बीमार सांसदों पर
विश्वास मत का वक्त करीब आने के साथ ही अब सांसदों की पूछपरख और बढ़ गई है। जेलों में बंद सांसदों के जमानत पर रिहा होने के बाद अब निगाह बीमार सांसदों पर है, फिर भले ही उन्हें संसद तक लाने के लिए चाहे जो इंतजाम करना पड़ें।
जोड़-घटाओ के इस नाजुक दौर में भाजपा के लिए अपने सभी सांसदों की विश्वास मत के दौरान मौजूदगी टेढ़ी खीर साबित हो रही है। गुजरात के भाजपा सांसद महेश कनोडिया की हाल ही में हार्ट सर्जरी हुई है, ऐसे में उन्हें वोटिंग के लिए एअर एंबुलेंस से लाया जा सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लॉबी से मतदान का इंतजाम पहले ही किया जा चुका है।
एक अन्य सांसद हरीशचंद्र चव्हाण बहुत ज्यादा चोटग्रस्त हो जाने के कारण नासिक के अस्पताल में भर्ती हैं। चव्हाण का आना डॉक्टरों की सलाह पर निर्भर है। भाजपा का प्रयास है कि वाजपेयी की ही तरह उसके अन्य बीमार सांसदों को भी लॉबी में ही वोटिंग की इजाजत मिल जाए। भाजपा के एक अन्य सांसद व अदाकार धर्मेद्र इस वक्त लॉस एंजिलिस में हैं। वे भी मतदान के लिए वक्त पर भारत लौटने के लिए प्रयासरत हैं।
>> सपा की बैठक से 12 सांसद गायब, कांग्रेस में भी बगावत
>> सदन की गरिमा का हवाला, भाजपा ने मांगा पीएम से इस्तीफा
>> माकपा ने जारी किया व्हिप, दादा दायरे से बाहर
>> बीमार सांसदों की तिमारदारी में जुटी पार्टियां
>> सोरेन की चुप्पी कायम, देवेगौड़ा मिलेंगे आज पीएम से
गणित
यूपीए
कांग्रेस 151
सपा 35
आरजेडी 24
अन्य 44
कुल 254
विपक्ष
भाजपा 130
माकपा 42
बसपा 17
अन्य 75
कुल 264
तय नहीं
निर्दलीय 05
झामुमो 05
जद (एस) 03
आरएलडी 03
नेशनल कॉन्फ्रेंस 02
तृणमूल कांग्रेस 01
द्रमुक (बागी) 01
मिजो नेशनल फ्रंट 01
नगालैंड पीपुल्स फ्रंट 01
सिक्किम डेमो. फ्रंट - 01
कुल 23
सरकार की ओर झुकाव
झामुमो 05
जद (एस) 02
आरएलडी 03
तृणमूल कांग्रेस 01
सिक्किम डेमो. फ्रंट 01
विपक्ष की ओर झुकाव
जद (एस-बागी) 01
नेशनल कॉन्फ्रेंस 02
द्रमुक (बागी) 01
मिजो नेशनल फ्रंट 01
निर्दलीय 06
कुल 11
गुरुजी का दांव
एनडीए ने मुझे झारखंड का मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया है लेकिन मैं चाहता हूं कि यूपीए भी ऐसा वादा करे।
एक टीवी चैनल से साक्षात्कार में
देवेगौड़ा की चुप्पी
मेरे मन में क्या है यह मैं शनिवार को प्रधानमंत्री से मिलने के बाद ही बता सकूंगा। राज्य व पार्टी के हित मेरे लिए सर्वोपरि है।
अमर की बेफिक्रीजो लोग जा रहे हैं, हमें उनकी परवाह नहीं। हमने अन्य बड़ी पार्टियों से इनसे ज्यादा और लोगों का इंतजाम कर लिया है।
मल्होत्रा का वार
कांग्रेस पंजाब में प्रधानमंत्री के सिख होने का सांप्रदायिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। अमरिंदर व भट्टल इस काम में लगे हुए हैं।