मुंबई. संसद में मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान सरकार के भाग्य के साथ-साथ शेयर बाजार की दिशा भी तय करेगा। सरकार विश्वास मत हासिल करे तो - कम मतों से सरकार टिकी तो सरकार की आर्र्थिक सुधारों को तेजी से लागू करने की क्षमता प्रभावित होगी।
क्या करेगा बाजार: रुपए में उछाल दिखाई दे सकता है।
सरकार विश्वास मत खो दे तो :
अगले आम चुनाव यानी इस साल के अंत तक कामचलाऊ सरकार रहेगी। राजनीतिक अनिश्चतता ऐसे समय बढ़ेगी जब देश में उच्च महंगाई दर चुनौती बनी हुई हैं।
क्या करेगा बाजार : शेयरों, रुपए और बांड में कम अवधि में बिकवाली का दबाव दिख सकता है।
सरकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि वित्त वर्ष 2009-10 तक टल सकती है। बांड के मूल्य में कुछ बढ़त देखने को मिल सकती है।
बराबरी के मुकाबले से चिंता
जो विलियम्स
पुणो :यूपीए सरकार के विश्वास मत को लेकर चल रहे राजनीतिक उतार-चढ़ाव पर सटोरिए भी अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं। वैसे मौजूदा अनिश्चितता के कारण सटोरिए खुलकर दांव खेलने से बच रहे हैं। फिर भी इस बात की संभावना है कि विश्वास मत का दिन पास आने के साथ उनकी गतिविधियां भी तेज होती जाएंगी। गुजरात और मध्यप्रदेश के सट्टा बाजार में अभी से हलचल है, तो मुंबई का बाजार फिलहाल शांत है।
मौजूदा स्थिति के बारे में एक बुकी ने बताया, ‘सट्टा बाजार में यूपीए सरकार के खिलाफ एक रुपए पर अस्सी पैसे का भाव चल रहा है, वहीं कांग्रेस नीत सरकार के कार्यकाल पूरा करने को लेकर यह 90 पैसा है।’
बोली में इस अंतर से स्पष्ट है कि विपक्ष को मामूली बढ़त ही मिली है। वैसे इस बुकी का यह भी कहना है कि विश्वास मत का वक्त आते-आते, यह अंतर 30 पैसे तक का भी हो सकता है।
गुरुवार दोपहर तक यूपीए सरकार के गिरने को लेकर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का दांव लग गया था, जबकि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बने रहने पर 300 करोड़ रुपए दांव पर लगे थे। हालांकि इसमें मुंबई के सटोरियों ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई थी। उनकी ओर से सिर्फ 100 करोड़ रुपए का ही दांव लगाया गया था।
बुकी के मुताबिक, 22 जुलाई तक मुंबई का बाजार भी सक्रिय हो जाएगा। उसे उम्मीद है कि इसके बाद कुल दांव 2000 करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच जाएगा। सटोरिए ने तर्क दिया कि व्यापारिक घराने गठबंधन सरकार के पक्ष में है, लिहाजा सट्टा बाजार में भी तेजी आएगी।