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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. प्रशासन यदि भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर अमल कर तो आगामी चुनावों में जिले के आधे से अधिक मतदाता मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाएंगे।
आयोग ने मतदान के लिए परिचय पत्र अनिवार्य कर दिया है। वर्ष 1995 से हो रही फोटोग्राफी के बाद जिले में 44.58 फीसदी मतदाताओं का ही परिचय पत्र बन सका है। ऐसे में 30 अगस्त तक 100 फीसदी फोटोग्राफी हो पाना असंभव है।
जिले के 9 विधानसभा क्षेत्रों में 15 लाख से अधिक मतदाता हैं। परिचय पत्र के लिए फोटोग्राफी का काम वर्ष 1995 में शुरू किया गया था, तब जिले में 10 से 15 फीसदी फोटोग्राफी हुई थी। इसके बाद 2007 तक जैसे-तैसे यह आंकड़ा 44 फीसदी तक पहुंचाया गया। बीते वर्षो की तुलना में इस वर्ष लगभग डेढ़ गुना अधिक लक्ष्य केवल डेढ़ महीने में पाने की योजना है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग ने अगले चुनावों में मतदाता के पास परिचय पत्र होना अनिवार्य कर दिया है।
लक्ष्य पाने के लिए जिले में फोटोग्राफी शुरू कर दी गई है। मतदाताओं का असहयोग और एजेंसियों की उदासीनता के कारण यह लक्ष्य पहाड़ चढ़ने जैसा है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन व प्रिंटिंग में ही 10 दिन लग जाते हैं। ऐसे में फोटोग्राफी के लिए महकमे के पास केवल 25 दिन बच जाएंगे। इसके बाद आचार संहिता की आशंका मंडरा रही है। पिछले दिनों फोटोग्राफी अभियान में खींची गई अधिकांश फोटो की मर्जिग अब तक नहीं की जा सकी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में चुनाव के ठीक एक दिन पहले आयोग ने अपने आदेश को शिथिल करते हुए मतदाताओं को छूट दी थी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह का कहना है कि जिले में फोटोग्राफी के काम में तेजी आने लगी है। चुनाव तक अधिकांश मतदाताओं की फोटोग्राफी कर ली जाएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी जेआर बरिहा ने कहा कि मतदान केंद्रों में नाम जोड़ने, काटने का कार्य जारी है। कोशिश की जा रही है कि अधिकांश मतदाताओं की फोटोग्राफी तय तारीख कर ली जाए।
प्रशासन ने माना- परिचय पत्रों में त्रुटियां : प्रशासन ने स्वीकार किया है कि वितरित किए जा चुके परिचय पत्रों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां हैं। दावा-आपत्ति के लिए बुलाई गई बैठक में त्रुटियों को लेकर नेताओं ने नाराजगी जताई थी। इसमें अफसरों द्वारा बताया गया कि परिचय पत्र बनाने और त्रुटियां सुधारने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन विभाग को नया साफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। साफ्टवेयर का इंतजार किया जा रहा है, जो एक हफ्ते के भीतर मिल जाएगा।
रुचि नहीं ले रहे मतदाता :< मतदाताओं को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो देने की सुविधा भी इस बार दी गई है। इसके बावजूद फोटो देने वाले मतदाताओं की संख्या कम ही है। लोगों से सीधे मिली फोटो की मर्जिग महकमे की देखरख में एनआईसी में कराई जाएगी और उन्हें जल्द से जल्द परिचय पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने या संशोधन करने के लिए भी कम मतदाता ही पहुंच रहे हैं। कई मतदान केंद्रों की सही जानकारी न होने के कारण लोगों को भटकना पड़ रहा है। केंद्रों में बैठे अधिकारी नाम न होने की बात कहकर उन्हें वापस कर देते हैं।