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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
दो सप्ताह बाद आखिर मौसम मेहरबान हुआ। बंगाल की खाड़ी के किनारे ऊपरी हवा में चक्रवात बनने के बाद छत्तीसगढ़ में बारिश शुरू हो गई है। मौसम थोड़ा ठंडा हो चुका है। इससे लोगों को राहत मिली। तापमान 30 डिग्री से नीचे चला गया है। शहर में शनिवार को खंड वर्षा हुई और उमस से लोगों को काफी हद तक निजात मिल गई। सावन का पहला दिन लोगों के लिए बारिश की सौगात लेकर आया।
आज भी सुबह की शुरुआत धूप से हुई, लेकिन पिछले दिनों की तरह यह तेज नहीं थी। आसमान पर हल्के बादल छाए रहे। इसके कारण उमस का अहसास भी हो रहा था। लोगों को धूप से राहत मिली थी, लेकिन उमस के कारण पसीना निकल रहा था। दोपहर के बाद मौसम कुछ बदलने लगा।
बादलों ने धीरे-धीरे आसमान को घेरना शुरू कर दिया। शाम पांच बजे के बाद अचानक शहर के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद जल्दी ही काले बादलों ने बरसना शुरू कर दिया।
रेलवे स्टेशन, तारबाहर, जूना बिलासपुर, सरकंडा, बस स्टैंड में कुछ देर के लिए जोरदार बारिश हुई। इसके बाद शहर में खंड वष्र होती रही। शहर में एक सेमी से अधिक बारिश होने का अनुमान है। शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में बारिश होने की जानकारी मिली है। तखतपुर, लोरमी, मस्तूरी, कोटा, पेंड्रा, गौरेला सहित अन्य ग्रामीण व वन्य इलाकों में बारिश हुई।
आषाढ़ के चूके किसान
आषाढ़ के अंतिम दिनों में बारिश नहीं होने से खेती-किसानी पिछड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बोनी तो काफी हद तक पूरी कर ली गई है, लेकिन अभी तक रोपाई पूरा नहीं हो पाया है। धान की नर्सरी तैयार होने के बाद जुलाई में किसानों द्वारा रोपा लगाया जाता है।
सावन के पहले दिन बारिश हुई, लेकिन छत्तीसगढ़ी की चर्चित कहावत त्नडार के छूटे बेंदरा अउ आषाढ़ के चूके किसानत्न के मुताबिक किसान खेती में पिछड़ गए हैं। हालांकि बारिश शुरू होते ही किसानों की खेती को लेकर चिंता दूर होने लगी है।
..और बारिश की होने संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक आगामी 24 घंटों में बिलासपुर व रायपुर संभाग के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश की संभावना है। चक्रवात अगर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता है, तो तेज बारिश भी हो सकती है।
भीगा तन.. खुश हुआ मन
शाम के समय अचानक बारिश होने से सड़क में अफरा-तफरी मच गई। अन्य दिनों की तरह लोग बगैर रेनकोट और छाते के घर से निकले थे। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बारिश होगी। बारिश की बूंदों से लोगों का तन तो भीगा ही उमस से राहत मिलने पर लोग प्रसन्न भी हुए।
मानसून हिमालय की तराई में सक्रिय है। इसके असर से पिछले कई दिनों से उत्तर-पूर्वी राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है, दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं होने के कारण प्रदेश में व्यापक वर्षा नहीं हो पा रही थी। स्थानीय प्रभाव से ही छिट-पुट बारिश हो रही थी, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने से अच्छी बारिश की शुरुआत हो चुकी है।
—जेके हिंगले,सहायक मौसम वैज्ञानिक मौसम विभाग