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आत्मनिर्भर हो जाएगा राज्य

अजमेर. raje मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि विद्युत क्षेत्र में राजस्थान एक वर्ष में आत्मनिर्भर हो जाएगा और तीन वर्ष में प्रदेश में सरप्लस बिजली होगी। फीडर के आस-पास की एक किलोमीटर की ढाणी को बिजली दी जाएगी और मार्च 09 तक 80 हजार अतिरिक्त कनेक्शन दिए जाएंगे।

ऊर्जा दिवस के उपलक्ष्य में यहां जवाहर रंगमंच में आयोजित ऊर्जा विभाग के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 तक पचास वर्ष में 4 हजार 900 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि प्रदेश में गत चार साल में 1 हजार 460 मेगा वाट बिजली का उत्पादन हुआ है।

आगामी सात वर्ष में 14 हजार मेगा वाट बिजली का उत्पादन होगा। इससे प्रदेश आगामी एक वर्ष में आत्मनिर्भर और तीन वर्ष में सरप्लस हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र से भी राजस्थान बिजली के क्षेत्र में आगे है। वहां के लोग भी यहां आकर फीडर सुधार कार्यक्रम देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभागीय अफसरों का आह्वान किया है कि वे मार्च 09 तक बीपीएल परिवारों, फीडर के आस-पास एक किलोमीटर क्षेत्र स्थित ढाणियों व 80 हजार अतिरिक्त विद्युत कनेक्शन देखकर मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकल्प लिया था कि क्वालिटी बढ़ाए बगैर रेट नहीं बढ़ाएंगे। इसी के तहत साढ़े चार वर्ष में बिजली की कीमत में एक रुपये की वृद्धि नहीं की गई है बल्कि विद्युत सप्लाई की गुणवत्ता बढ़ाई गई है।

देश में उपभोक्ता को सबसे कम दर पर बिजली देकर भी सरकार ने 2006 से अब तक फीडर सुधार के बाद विद्युत हानि 10 प्रतिशत कम की है। सरकार ने 34 हजार गांवों को तीन वर्ष में 18 घंटे बिजली मुहैया कराई है। एक वर्ष में साढ़े तीन हजार ढाणियों में बिजली पहुंचाई गई है जबकि किसी जमाने में 5-5 ढाणी को बिजली एमएलए और एमपी की अनुशंसा पर मिलती थी।

इस अवसर पर ऊर्जा राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, जल संसाधन मंत्री सांवरलाल जाट, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री नाथू सिंह गुर्जर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट, श्रीकिशन सोनगरा, ऊर्जा विभाग के सचिव श्रीमत पांडे और आरजी गुप्ता आदि मौजूद थे।

4500 नई भर्तियां होंगी

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ऊर्जा विभाग में खाली पदों को भरने के लिए 4 हजार 500 इंजीनियर्स और तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती करने के साथ छीजत की कमी से हुए लाभ से कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की घोषणा की है। जवाहर रंगमंच में आयोजित ऊर्जा विभाग के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खाली पदों के कारण कामकाज में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार इसी वर्ष 4 हजार 500 कर्मचारी भर्ती करने जा रही है। भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि डिस्काम में काम छोड़कर जा रहे कर्मचारियों की समस्या को देखते हुए सरकार ने प्रोत्साहन योजना शुरू की है। गत वर्ष छीजत कम होने से 400 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था, जिसमें से 400 रुपये प्रति कर्मचारी को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस वर्ष छीजत में पांच प्रतिशत की कमी आई है, इससे हुए लाभ से प्रत्येक कर्मचारी को दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तीन किस्तों में दी जाएगी।

जो कहा, कर दिखाया

अब तक यह कहा जाता रहा है कि चुनाव बिजली विभाग की उपलब्धि पर लड़ा जाता है। हालांकि इसी के कारण चुनाव हारे भी गए हैं, लेकिन हम बताएंगे कि चुनाव इसी विभाग पर जीता जाता है। हमने जो कहा वह करके दिखाया। अधिकांश काम पूरे किए, जहां विलंब हुआ वह केंद्र सरकार की राजनीतिक भेदभाव की नीति के कारण हुआ।

शनिवार को जवाहर रंगमंच पर आयोजित ऊर्जा विभाग के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में जो चुनौती उठाई थी उसे हमने पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। दूसरे राज्यों ने हमारे यहां हुए चमत्कार को नहीं माना और यहां आकर छानबीन की। सरकार ने थर्ड पार्टी ऑडिट कराई तो चमत्कारी परिणाम सामने आए कि जो राजस्थान गbे में पड़ा हुआ था, वह इतना आगे बढ़ गया है। पचास वर्ष में जो नहीं हो सका था वह चार वर्ष में करके दिखाया है।

प्रतिस्पर्धा बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी विभागों से आह्वान किया कि वे कामकाज के मामले में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करें, यदि सभी विभागों में प्रतिस्पर्धा होगी तो राजस्थान की तस्वीर ही बदल जाएगी। राजे ने कहा कि प्रदेश का नागरिक अपने स्वाभिमान को समझने लगा है और यही भावना सरकारी विभागों को आगे लाने के लिए भी आवश्यक है। विभागों में प्रतिस्पर्धा होगी तो राजस्थान देश में सबसे आगे होगा।

सड़क पर आ जाते हैं लोग
मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि जनता को बिजली की ऐसी आदत लग गई है कि 24 घंटे बगैर बिजली के रहने वाले लोग एक घंटे भी बिजली नहीं आए तो सड़क पर आ जाते हैं, मुझे फोन करने लगते हैं या अफसरों से नाराज होते हैं।

नहले पर दहला किसका
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वित्त विभाग को भामाशाह योजना में सितंबर तक 50 लाख बीपीएल, लघु व सीमांत कृषक व इनके समानांतर परिवारों के बैंक खाते खुलवाकर कार्ड बनवाने की चुनौती दी है, जबकि अमेरिका जैसे देश में कैटरीना तूफान के समय पचास हजार परिवारों के कार्ड बनाने में उथल-पुथल हो गई थी।

ऊर्जा विभाग को मार्च 09 तक 80 हजार अतिरिक्त कनेक्शन, सभी बीपीएल परिवारों को कनेक्शन और फीडर के आस-पास एक किलोमीटर की ढाणी को विद्युत कनेक्शन देने की चुनौती दी है। देखते हैं कौन सा विभाग नहले पर दहला मारता है, यदि दोनों ने काम कर दिखाया तो राजस्थान का भविष्य बदल जाएगा।

आत्महत्या की बात होती थी
राजस्थान में उन इलाकों का भी विकास हुआ है, जिन्हें देखकर लोग आत्महत्या की बात करते थे। वहां भी इतना सुधार हुआ है कि लोग उन्हें पसंद करने लगे हैं।

बजट बिजली से बनता था
सीएम ने कहा कि किसी जमाने में राज्य सरकार बजट बनाते समय आय के लिए सबसे पहले बिजली के दाम बढ़ाने की बात करती थी, लेकिन साढ़े चार वर्ष में एक रुपया कीमत नहीं बढ़ाई है।

ऊर्जा विभाग से बचते थे
ऊर्जा विभाग से अफसर बचते थे, यहां कोई काम नहीं करना चाहता था। अफसर कहते थे कि हमें यहां मत लगाओ और यहां से हटा दो। लेकिन अब अफसर यहां काम कर रहे हैं और यहीं रहना चाहते हैं। इस विभाग ने प्रदेश के बच्चों और गांवों की तस्वीर बदलकर बहुत बड़ा काम किया है।

अजमेर नंबर वन आना चाहिए

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नरेगा के बेहतर प्रबंधन के लिए कलेक्टर की तारीफ करते हुए उन्हें भामाशाह वित्तीय सशक्तिकरण एवं स्वास्थ्य बीमा योजना में भी जिले को नंबर वन स्थान दिलाने को कहा है।

भाजपा के शहर अध्यक्ष शिवशंकर हेडा के निवास के बाहर कलेक्टर नवीन महाजन से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने नरेगा के संचालन और देश में अव्वल रहने के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि भामाशाह योजना का संचालन भी ठीक इसी तरह होना चाहिए। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि वे भामाशाह योजना में भी नंबर वन रहेंगे।





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