कोटा. कोटा विश्वविद्यालय के प्रोफेशनल कोर्सेज की निर्धारित फीस के अलावा छात्रों से अतिरिक्त फीस वसूलने वाले कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई होगी। केन्द्रीयकृत प्रवेश काउंसलिंग एवं कॉलेज प्रतिनिधियों की बातचीत के बाद निर्णय लिया गया है कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित फीस व ट्यूशन फीस काउंसलिंग के समय छात्रों से जमा करा ली जाएगी।
इसके अतिरिक्त कॉलेज में प्रवेश लेते समय छात्र से कॉलेज लोकल फंड के रूप में अधिकतम 1 हजार रुपए ले सकेंगे। इसमें विश्वविद्यालय की परीक्षा फीस, एनरोलमेंट एवं खेलकूद फीस शामिल नहीं होगी। यदि कोई कॉलेज छात्र से अधिक राशि वसूल करता है और विवि को शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित कॉलेज के खिलाफ जांच होगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कॉलेज पर 1 लाख रुपए का जुर्माना वसूल करेगा। कॉलेज द्वारा छात्र से 1 हजार से अधिक ली गई फीस छात्र को वापस करनी होगी।
कॉलेज छात्र से लोकल फंड के रूप में एक हजार रुपए ले सकते हैं। इसके अलावा अतिरिक्त फीस की शिकायत की जांच में कॉलेज दोषी पाया गया तो 1 लाख रुपए जुर्माना लगेगा।
—एसआर गालव, सह समन्वयक, सीएसी
कल परीक्षा से संबंधित कार्य नहीं होगा
कोटा विवि के ईएसआई भवन कार्यालय में 21 जुलाई को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली काउंसलिंग के कारण परीक्षा शुल्क जमा करने का कार्य नहीं होगा। काउंसलिंग के कारण परीक्षा संबंधी शुल्क आदि के कार्य नहीं होंगे लेकिन, विवि परिसर में संचालित पीजी एवं एमफिल के फार्म जमा करने का कार्य यथावत होगा।
दो पेपर के पेटर्न में बदलाव
कोटा विश्वविद्यालय ने इस सत्र में बीए, बीकॉम एवं बीएसससी प्रथम वर्ष तथा स्नातकोत्तर उत्तरार्ध के प्रश्नपत्र पद्धति में बदलाव किया है। विवि के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि किसी भी पेपर का पाठ्यक्रम पांच इकाइयों में विभक्त होगा और प्रश्नपत्र तीन खंडों में बंटा होगा। इस पाठयक्रम का प्रश्नपत्र आएगा उसमें अ,ब व स तीन खंड होंगे। खंड त्नअत्न में हर इकाई से दो-दो लघुरात्मक प्रश्न लेते हुए 10 प्रश्न करने अनिवार्य होंगे।
प्रश्न की उत्तर सीमा 20 शब्द रहेगी। खंड त्नबत्न प्रत्येक इकाई से दो-दो प्रश्न लेते हुए 10 प्रश्न होंगे लेकिन एक इकाई से एक प्रश्न करना होगा। इस तरह पांच इकाई से पांच प्रश्न करने होंगे। हर प्रश्न 10 अंक का होगा। इसमें छात्र को दो प्रश्नों में से एक प्रश्न की चॉइस मिलेगी। प्रश्न के उत्तर लिखने की सीमा 250 शब्दों तक रहेगी।
नई प्रश्नपत्र पद्धति में खंड त्नसत्न में पूरे पाठ्यक्रम में से 4 प्रश्न पूछे जाएंगे जिनमें से कोई दो प्रश्न करने होंगे। एक इकाई में से एक से ज्यादा प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। एक प्रश्न को दो या तीन भागों में विभक्त किया जा सकता है। इसमें उत्तर लिखने की सीमा 500 शब्दों तक रहेगी।
सभी विषयों की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें हो चुकी हैं। इसमें पाठ्यक्रमों को नई प्रश्नपत्र पद्धति के अनुसार बदला जा चुका है। छात्र विश्वविद्यालय का अधिकृत पाठ्यक्रम क्रय कर इसी के अनुसार परीक्षा की तैयारी करें। ज्ञात रहे कि गत वर्ष अकादमिक परिषद ने प्रश्नपत्र पद्धति में बदलाव का निर्णय लिया था। इसके अनुसार वर्ष 2008 में स्नातकोत्तर पूर्वार्ध की परीक्षा इसी के अनुसार आयोजित की गई थी।
अकादमिक परिषद में गत वर्ष लिए गए निर्णय की अनुपालना में इस वर्ष 2009 की परीक्षा के लिए स्नातक प्रथम वर्ष के परम्परागत विषयों में तथा स्नातकोत्तर में उतरार्ध में प्रश्नपद्धति में बदलाव किया है।
—प्रवीण गोयल, उपकुलसचिव कोटा विश्वविद्यालय