कोटा/केशवरायपाटन.
कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में शनिवार को केशवरापाटन निवासी दारासिंह गुर्जर (29) पर कुछ हमलावरों ने हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले उस पर रिवॉल्वर से गोलियां चलाईं। जब दारासिंह ने उठकर भागने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से वार कर दिए और वहां से भाग खड़े हुए।
सूचना मिलने पर एसपी विशाल बंसल, एएसपी लक्ष्मण गौड़ अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक दारासिंह की मौत हो चुकी थी। उधर, हत्या की खबर केशवरायपाटन में पहुंचते ही कस्बे में तनाव व्याप्त हो गया। गुर्जर समाज के लोगों और बजरंगदल कार्यकताओं ने बाजार बंद करा दिए।
हत्या की सूचना से बंद हो गया पाटन
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने जब आक्रोषित लोगों को रोकना चाहा तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। इससे पुलिस की एक जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने कोटा के महाराव भीमसिंह चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दो टीमें केशवरायपाटन व डाबी भेजी गई हैं। हमलावारों की संख्या दो से तीन बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि दारासिंह बजरंग दल का पूर्व पदाधिकारी होने के साथ खान मालिक व शराब ठेकेदार भी था।
भड़क उठे परिजन
घटना की सूचना मिलते ही दारासिंह के पिता, भाई सहित गांव के सैकड़ों लोग और बजरंग दल कार्यकर्ता कोटा में अस्पताल के मुर्दाघर पहुंच गए। घटना को लेकर उनमें काफी आक्रोश था और बार-बार भड़क रहे थे। जिन्हें बुजरुगों ने शांत कराया। रामगंजमंडी विधायक प्रहलाद गुंजल भी मुर्दाघर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
पिछले साल के दंगे से लिंक
प्राथमिक जांच में पुलिस को इस हत्याकांड के पीछे पिछले वर्ष 18 जनवरी 2007 को केशवरायपाटन कस्बे में हुए दंगे से लिंक होने के सबूत मिले हैं। उस दिन दंगे की शुरुआत में दारासिंह के घर पर पथराव हुआ था। पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है।