उदयपुर. विदेश में स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा के अवसर मिले तो कौन नहीं जाना चाहेगा? लेकिन महाराणा प्रताप कृषि व प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (एमपीयूएटी) के डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नालोजी कॉलेज में इससे ठीक उल्टा हुआ। इस ऑफर को स्वीकारने के लिए कॉलेज से कोई विद्यार्थी ही नहीं था।
शैक्षिक गुणवत्ता से प्रभावित हुआ था केंसास : केंसास यूनिवर्सिटी से एक्सपर्ट की टीम ने कुछ समय पहले डेयरी कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया था। डेयरी कॉलेज की शैक्षिक गुणवत्ता से प्रभावित होकर केंसास यूनिवर्सिटी ने यहां के दो विद्यार्थियों को अपने यहां एमटेक फूड टेक्नॉलोजी पाठ्यक्रम में प्रवेश व स्कॉलरशिप देने की स्वीकृति देते हुए यह करार किया था।
कैम्पस इंटरव्यू के दौरान ही मिल र्गई नौकरियां : डेयरी कॉलेज में बीटेक फूड टेक्नालॉजी कोर्स करने के दौरान ही विद्यार्थियों को बड़ी कंपनियों से जॉब प्लेसमेंट ऑफर मिलने लगे। कुल 25 सीटों पर पढ़ रहे विद्यार्थियों को कैम्पस इंटरव्यू के दौरान ही नौकरियां मिल र्गई।
बीटेक डिग्री पूरी होने के बाद विद्यार्थियों ने अच्छे पैकेज वाले जॉब स्वीकार कर लिए और एमटेक करने के लिए अभ्यर्थी यहां बचे ही नहीं। चीज बनाने वाली विश्व की नामी कंपनी डायनेमिक्स ने भी हाल ही में पांच छात्रों को प्लेसमेंट दिया है। यूनिवर्सिटी के साथ हुए करार का लाभ लेने के अवसर से विद्यार्थी वंचित रह गए।
फूड टेक्नॉलोजी में रोजगार का व्यापक स्कोप है। विद्यार्थियों को बीटेक अंतिम वर्ष में ही कैम्पस रीक्रूटमेंट के तहत आकर्षक पैकेज मिल गए। अब अगले साल कोई छात्र एमटेक के इच्छुक हो तो केंसास भेजेंगे।
—डॉ. एनएस राठौड़, डीन, डेयरी कॉलेज