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आरकॉम-एमटीएन सौदा टूटने पर भरपाई की मांग!

नई दिल्लीएमटीएन-आरकॉम सौदे पर बातचीत टूटने के एक दिन बाद अनिल अंबानी की एक कंपनी ने आरआईएल पर भारी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाते हुए भरपाई की मांग की है। आरकॉम में 63.38 फीसदी की बहुलांश हिस्सेदारी रखने वाली अनिल अंबानी की एएए कम्युनिकेशन नामक प्रायवेट कंपनी ने आरआईएल से कहा है कि वह इस नुकसान की भरपाई की हकदार है।

एएए कम्युनिकेशन ने शनिवार को आरआईएल को पत्र लिखकर दावा किया कि आरकॉम के शेयरों के साथ जैसा वह उपयुक्त समझे वैसी सौदेबाजी करने के लिए स्वतंत्र है और आगे भी ऐसा करेगी। साथ ही कंपनी ने दावा किया है कि वह 12 जनवरी 2006 के किसी कथित ‘गैर-प्रतिस्पर्धी समझौते’ में पार्टी नहीं है और वह आरआईएल के कथित ‘पहले इनकार के अधिकार’ के दायरे में नहीं आती है।

आरकॉम के एक प्रवक्ता ने इस ‘गैर-प्रतिस्पर्धी समझौते’ पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। आरआईएल ने आरकॉम के साथ विवाद के हल के लिए गुरुवार को पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बी पी जीवन रेड्डी को आर्ब्रिटेटर नियुक्त किया था। उल्लेखनीय है कि मुकेश अंबानी की कंपनी आरआईएल ने अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम व एमटीएन को नोटिस भेजकर आरकॉम पर अपना अधिकार जताया था। इस संबंध में आरआईएल ने ‘राइट आफ फस्र्ट रिफ्यूजल’ (पहले इंकार का अधिकार) का दावा पेश किया था। मुकेश का दावा था कि आरकॉम का प्रस्ताव पहले उन्हें भेजा जाना चाहिए। उनके इनकार के बाद ही किसी दूसरी कंपनी को प्रस्ताव भेजा जा सकता है।

विवादों पर विराम न लगते देख आरकॉम और एमटीएन ने ७क् अरब डालर के सौदे पर जारी बातचीत शुक्रवार को खत्म करने का फैसला लिया था। एक्सक्लूसिविटी एग्रीमेंट की बढ़ी मियाद 21 जुलाई को खत्म हो रही थी। लेकिन नियत समय से तीन दिन पहले ही इस बातचीत पर विराम लग गया।





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