नई दिल्लीबिसात बिछ चुकी। हफ्तेभर की रस्साकशी के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री सदन में विश्वासमत पेश करेंगे। फैसला होगा मंगलवार को। सोरेन-मारन ने यूपीए को राहत दी तो अजित-देवेगौड़ा ने सुकून छीन लिया। भाजपा, जदयू और शिवसेना में फूट पड़ गई तो कांग्रेस भी इससे अछूती नहीं। मुलायम की सपा में फूट का सिलसिला नहीं थम रहा। तिलमिलाए मुलायम ने बचे-खुचे सांसदों की मीडिया के सामने परेड करा दी। इस बीच माया का मायाजाल दिल्ली की राजनीति में सिर चढ़कर बोल रहा है। मायावती की अगुआई में तीसरा मोर्चा बनकर तैयार हो गया।
लोकसभा में विश्वास मत को लेकर विभिन्न पार्टियों के ताजा रुझानों के आधार पर फिलहाल पक्ष में 265 और विपक्ष में 266 सांसद दिख रहे हैं। इससे विश्वास मत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कांटे की टक्कर के आसार दिख रहे हैं। हालांकि 10 सांसदों का रुख देर रात तक अनिर्णीत बने रहने से ऊंट किस करवट बैठेगा यह सदन में मतदान के बाद ही साफ हो सकेगा।
यूपीए सरकार को उस समय झटके लगे जब दो छोटे-छोटे दलों-जद-एस तथा रालोद के कुल छह सांसद भी विरोधी खेमे में चले गए। इससे सत्तारूढ़ गठबंधन की निर्दलीयों तथा एक-एक सांसद वाले दलों पर निर्भरता बढ़ गई। पांच सदस्यीय झारखंड मुक्ति मोर्चा, द्रमुक के निलंबित सदस्य दयानिधि मारन तथा मुस्लिम मजलिस सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने बहुमत की परीक्षा में यूपीए का साथ देने का एलान किया। मायावती को केंद्र में रखते हुए तीसरे मोर्चे के तेजी से उभरने के संकेत मिल रहे हैं। ‘मायाजाल’ से प्रभावित यूएनपीए व वामदलों समेत कुछ अन्य दल बसपा सुप्रीमो को यूपीए सरकार गिरने की दशा में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के मूड में दिख रहे हैं।
माहिर ‘खिलाड़ी’
सोरेन की झामुमो
कुल सांसद: पांच
वोट देंगे : पक्ष में
क्यों: शिबू सोरेन को कोयला मंत्री व दो अन्य सांसदों को राज्यमंत्री बनाने का आश्वासन।
अजितसिंह की रालोद
कुल सांसद: तीन
वोट देंगे: विरोध में
क्यों: मायावती से समझौता, लोकसभा की आठ सीटें मिलेंगी,
तीन विधायक उप्र में मंत्री बनेंगे।
देवेगौड़ा की जेडीएस
कुल सांसद: तीन
वोट देंगे: विरोध में
क्यों: सरकार ने नहीं मानी शर्ते
अब्दुल्ला की नेकां
कुल सांसद: दो
वोट देंगे: पक्ष में
क्यों: जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस से गठबंधन की उम्मीद, सेक्यूलर छवि बनाने की फिक्र
बदल सकते हैं पाला
10 सपा
3 कांग्रेस
5 भाजपा
5 शिवसेना
2 अकाली
8 बसपा
4 राजद
3 बीजद
ऐन मौके पर फिर बदल सकते हैं पाला