भोपाल. मतदाता सूची और फोटो परिचय पत्र में गड़बड़ियों की शिकायतें थम नहीं ले रही हैं। सूचियों को लेकर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। भोपाल हो या मालवा, महाकौशल, विंध्य हो या फिर बुंदेलखंड चारों ओर से आरोप-प्रत्यारोप के स्वर सुनाई दे रहे हैं।
राजधानी में मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने पांच रुपए का शपथ पत्र मांगने की शिकायत है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक भी इस तरह के कई शिकायती पत्र आए हैं। इनकी पड़ताल के लिए जिला स्तर पर जांच दल भेजे जाने की तैयारी है।
विजयपुर के कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने शिकायत की है कि उनके विधानसभा क्षेत्र से 50 हजार मतदाता गायब कर दिए गए तो पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ का कहना है कि महेश्वर विधानसभा क्षेत्र में 20 हजार मतदाताओं के फोटो परिचय पत्र ही नहीं बन पाए हैं। जबलपुर में तो इन सूचियों में नाम जुड़वाने को लेकर विवाद की स्थिति भी बन चुकी है।
राज्य में विधानसभा चुनाव में मात्र तीन माह का समय बाकी है, लेकिन मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और काटने का खेल जारी है। ऐसे में हर दल की शिकायतों का निराकरण कर मतदाता सूची तैयार करना चुनौती बन गया है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दल अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में समर्थकों के नाम दर्ज करवाने की जुगत में हैं। कई जिलों से इन सूचियों में गड़बड़ी की शिकायतें हैं।
मतदाता सूचियों में देरी
राज्य में विस चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची तैयार करने का काम जोरों पर हैं, लेकिन इन सूचियों में नाम जोड़ने और काटने का काम खत्म नहीं हुआ है। जबकि इससे पहले दो बार मतदाता सूची को अपडेट किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने 15 जुलाई तक दावे और आपत्तियां बुलाकर उसका निराकरण करने की तिथि तय की थी। भोपाल में 10 से 25 जुलाई और गुना व डिंडोरी जिलों में 21 जुलाई अंतिम तिथि है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के मुताबिक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 अगस्त तक हो जाएगा।
मतदाता सूचियां बनाने में लापरवाही हो रही है। तर्कसंगत तरीके के बिना मतदाताओं के नाम सूची से जोड़े और काटे जा रहे हैं। इसके अलावा मतदाता परिचय पत्र बनने में भी गड़बड़ी हो रही है। बार-बार परिचय पत्र त्रुटिपूर्ण बनाए जा रहे हैं। इस तरह की गलतियों में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
- उमाशंकर गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी
जांच के लिए जिला स्तर पर दल जाएगा:माथुर
मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर का कहना है कि मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने और कटवाने की जो शिकायतें मिली हैं, उनके निराकरण के लिए जिला स्तर तक कार्रवाई की जा रही है। अगर कहीं भी सूचियों और फोटो परिचय पत्र के दस्तावेजीकरण में गलती पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलास्तर पर जांच दल जाएंगे।
सूचियों का अंतिम प्रकाशन कब तक हो रहा है?
30 अगस्त 08 तक मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। पहली बार मप्र में राजनीतिक दलों की जागरुकता के कारण मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और फोटो परिचय पत्र बनाने में रुचि दिखाई है, जिसके कारण शिकायतें भी आ रही हैं।
मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की कहां-कहां से शिकायतें मिली हैं?
जहां भी नाम कटवाने और जुड़वाने की शिकायतें मिलीं, उनके खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है।
मतदाता को नाम जुड़वाने का कोई मौका मिलेगा?
एक पूरक सूची अलग से जारी की जाएगी। उसमें नाम जुड़वाने का प्रावधान है।
राजनीतिक दलों को विशेषकर कांग्रेस ने सूचियों में धांधली के आरोप लगाए हैं?
अगर मतदाता सूचियों में धांधली के आरोप राजनीतिक दलों ने लगाए हैं तो उन पर कार्रवाई भी की गई है। वैसे तो कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा ने भी धांधली की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
शिकायतों का क्या हुआ?
कलेक्टरों को समय-समय पर निर्देश दिए गए हैं। अगस्त में जिले स्तर पर जांच दल जाएगा। अगर नाम जोड़े और काटे जाने के प्रमाण मिलते हैं तो सख्त कार्रवाई होगी।