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उमंगों का सवेरा, बागों में डेरा

जयपुर. shravan सावन के पहले रविवार को शहर के बाग-बगीचों व गलता के रमणीक स्थलों पर गोठों का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर बाद आई तेज बौछार के बाद मौसम खुशनुमा हो गया।

लोग परिवार के साथ गलता घाटी के श्रीनिवास के बालाजी, घाट के बालाजी, श्याम डूंगरी, कदंब डूंगरी व चूलगिरी पहुंचने लगे। वहां लोगों ने चूरमा, दाल व बाटी का आनंद लिया।

रविवार दोपहर तीन बजे धूप के बीच छाए काले बादलों ने शहरवासियों को सुकून पहुंचाया। इसके बाद करीब पौन घंटे तक झड़ी लगी रही। तेज हवा व बौछार से शहर से नाहरगढ़ का किला व गढ़गणोश मंदिर भी दिखाई देना बंद हो गया। आमेर, मावठा, सागर, जलहमल तथा नाहरगढ़ रोड के हर कोने का नजारा देखते ही बन रहा था।

सौहार्द की गोठ : बरकत नगर किसान मार्ग के करीब 40-50 लोगों ने गलता घाटी के श्रीनिवास के बालाजी पर सामूहिक गोठ का आयोजन किया। बच्चों ने जहां खेलकूद का आनंद लिया, वहीं बड़ों ने कॉलोनी की सुरक्षा आदि मुद्दों पर चर्चा की। किसान मार्ग निवासी सुनील बगड़िया ने बताया कि आपसी प्रेम व सौहार्द बढ़ाने के लिए पड़ोसियों ने यह आयोजन किया।

बच्चों ने लिया झूलों का आनंद : कनक घाटी, पौंडरिक पार्क, नेहरू बालोद्यान आदि जगहों पर आसपास की कॉलोनियों के लोगों की भीड़ जुटी। बड़ों ने जहां चहल-कदमी कर सुहाने मौसम का लुत्फ उठाया, वहीं बच्चों ने फिसलपट्टी व झूलों का मजा लिया।

वाहनों की रेलमपेल : रविवार को आमेर रोड पर वाहनों की आवाजाही अधिक रही। शाम तक नाहरगढ़ पहाड़ी पर वाहनों की रेलमपेल नजर आई। एक बार जयगढ़ से आगे की सड़क पर वाहनों का जाम लग गया। हालांकि संडे मूड के कारण सुबह से ही युवाओं की टोलियां मावठा, नाहरगढ़ किला व जलमहल पर पहुंचना शुरू हो गई थीं।

शाम को बने सुहाने मौसम के कारण खुले में सामान बेचने वालों की संख्या में भी एकाएक बढ़ोतरी हो गई। देखते ही देखते पर्यटन स्थलों पर लोगों को जगह भी कम पड़ने लगी।





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