अजमेर.
जेएलएन अस्पताल के कार्डियो थोरोसिक प्लांट के चिकित्सकों ने रविवार को हृदय का एक और जटिल ऑपरेशन कर रोगी की जान बचाने में कामयाबी हासिल की। शुक्रवार को यहां क्लोज्ड हार्ट सर्जरी के दो ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए थे।
बिजयनगर के पास पांडुलाई गांव निवासी 25 वर्षीय प्रहलाद अपने बाड़े में लड़ रही दो भैंसों को छुड़ाने के चक्कर में खुद जख्मी हो गया था। थोरोसिक सर्जन डॉ. रामगोपाल यादव के मुताबिक एक भैंस के सींग मारने से प्रहलाद कल्टीवेटर पर जा गिरा, जिसके नुकीले दांते उसकी छाती के बाएं हिस्से में घुस गए थे। जख्म इतना गहरा था कि बाहर से ही मरीज का दिल और फेफड़ा साफ दिखाई दे रहा था।
मरीज का फेफड़ा बुरी तरह पिचका हुआ था। उसे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। प्रारंभ में मरीज के परिवारजन उसे बिजयनगर अस्पताल ले गए, लेकिन मरीज की हालत गंभीर देखते हुए उसे जेएलएन अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। डॉ. यादव के मुताबिक उसे सुबह कैजुअल्टी में लाया गया। उस समय डॉ. डूंगरसिंह और डॉ. प्रवीण गुप्ता ने उसे संभाला। उन्होंने मरीज की हालत देख कर डॉ. यादव को फोन किया और मरीज की हालत से अवगत कराया।
कुछ देर बाद डॉ. यादव मौके पर पहुंचे। सीटी स्कैन से पता चला कि मरीज के हार्ट की झिल्ली (पैरीकार्डियम) पर सूजन आ गई है और ऑपरेशन करना आवश्यक है। एक यूनिट ब्लड अरेंज किया गया। उसके बाद कैजुअल्टी ऑपरेशन थियेटर में ही डॉ. यादव के नेतृत्व में यह ऑपरेशन किया गया। उनके साथ डॉ. गजराज यादव, डॉ. प्रवीण गुप्ता, निश्चेतक डॉ. कविता जैन, डॉ. राकेश भार्गव, डॉ. शिवेंद्र और डॉ. रूपेश यादव समेत चिकित्साकर्मियों को ऑपरेशन करने में लगभग पौने दो घंटे का समय लगा। प्रहलाद को सर्जिकल आईसीयू में भर्ती किया गया जहां उसकी हालत स्थिर है।