बीकानेर.
लक्ष्य निर्धारित और हौसले बुलंद हो तो क्या कुछ नहीं हो सकता। गोद में नन्ही-सी जान और आंखों में कुछ बनने का सपना लिए नेहरू शारदा पीठ में रविवार को प्रीएमएड का पेपर देने सूरतगढ़ से आई पींकेश ने यह कर दिखाया।
श्रीगंगानगर जिले की विजयनगर तहसील के गांव बिलौचिया में आयुर्वेद चिकित्सक के पद पर कार्यरत चंद्रसिंह बराड़ की पत्नी पींकेश ने दो दिन पूर्व ही एक बच्ची को जन्म दिया है। इसके बावजूद पींकेश ने प्रीएमएड का इम्तिहान देने की इच्छा जाहिर की। पींकेश की इच्छा को उसके परिजनों ने हकीकत में बदला और उसे इम्तिहान दिलाने बीकानेर ले आए। पींकेश ने बताया कि पढ़ाई के प्रति उसका शुरू से रुझान अधिक रहा है।
शादी के बाद भी पींकेश के पति ने पढा़ई के मामले में पूरा प्रोत्साहित किया है। पींकेश की माता सावित्री देवी ने बताया कि शादी के समय उसने स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षा पास की थी, इसके बाद सारी पढा़ई उसके ससुराल वालों ने ही करवाई है। पींकेश ने बीएड के अलावा कला वर्ग के दो विषयों में भी स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। पींकेश के एक छह साल की बच्ची भी है।
लेट कर दी परीक्षा
महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक डा. एसएल स्वामी ने बताया कि पींकेश के गोद में नवजात को देखते हुए उसकी परीक्षा एक कमरे में अलग से करवाई गई। पींकेश ने बच्ची को पास में सुलाकर पूरा इम्तिहान लेट कर किया।