कोटा. ग्राहकों को जमाओं के साथ-साथ कर्ज पर भी बैंक अब बीमा की सुविधा मुहैया करा रहे हैं। इसका लाभ उठाने वाले ग्राहकों का प्रतिशत पिछले दो साल में बढ़कर 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
बैंकों ने ग्राहकों को यह सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विभिन्न बीमा कंपनियों से टाईअप कर रखा है। कुछ बैंक अब ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के खातों के साथ मेडिक्लेम पॉलिसी, यूनिट प्लस चाइल्ड प्लान, दुर्घटना बीमा, मकान का बीमा, ऋण का बीमा एवं विभिन्न बचत योजनाओं के साथ बीमा की सुविधा दे रहे हैं।
आवास ऋण : बैंक से आवास ऋण लेते समय ग्राहक को ऋण का बीमा भी करवाते हैं, ताकि ऋण चुकाने की अवधि के दौरान कर्जदार की किसी कारण वश मृत्यु हो जाए तो उसका परिवार बेघर नहीं होगा। बैंक को शेष ऋण राशि बीमा कंपनी से मिल जाएगी। बैंक आवास ऋण लेने वाले को बीमे की प्रीमियम का भी ऋण मिलता है। इसके अलावा इस योजना में मकान का भी बीमा कराया जाता है।
कार ऋण : बैंक ग्राहकों को कार ऋण के साथ कार के बीमे की भी सुविधा देते हैं। ग्राहक इस ऋण के साथ बीमे का भी लाभ उठा सकते हैं।
शिक्षा ऋण : इस ऋण के साथ भी बैंक बीमे की सुविधा प्रदान करते हैं। यदि कोई छात्र शिक्षा ऋण लेता है तो, उसके साथ उसके ऋण का बीमा भी किया जाता है। इससे बैंक का ऋण तो सुरक्षित हो जाता है। साथ ही छात्र की किसी कारण से कर्ज चुकाने की अवधि के दौरान मौत हो जाए तो भी ऋण का भार परिवार पर नहीं पड़ता।
चाइल्ड प्लान : शिक्षा खर्च का सामना करने के लिए बच्चे के माता-पिता इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसमें ट्रिपल बेनीफिट, लॉयल्टी यूनिट्स तो है ही, मौजूदा फंड के अलावा नया निवेश फंड की सुविधा भी है।
हरकर्ज के साथ सुविधा
बैंक अधिकारियों के मुताबिक बैंकों में कर्ज के साथ बीमे की सुविधा पहले सिर्फ होम लोन पर ही थी, अब बैंक हर प्रकार के कर्ज के साथ इंश्योरेंस की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में कुछ बैंकों में इन सुविधाओं में विस्तार किया गया है।
बैंकों की ओर से दी जा रही बीमा की सुविधा का लाभ उठाने वालों की तादाद हर साल बढ़ रही है। वर्तमान में 25 से 30 प्रतिशत लोग विभिन्न ऋण योजनाओं के साथ बीमा की सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
-वीके शर्मा, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई छावनी
बैंक अब विभिन्न ऋण व जमा योजनाओं पर बीमा की सुविधा भी ग्राहकों को देते हैं। बहुत से ग्राहक इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
-रजत बनर्जी, मुख्य प्रबंधक एसबीबीजे, एरोड्राम सर्किल ब्रांच
हमारे बैंक में पिछले दो साल से होम लोन पर ही बीमे की सुविधा दी जा रही है। लोन चुकाने की अवधि में ऋणी की दुर्घटनावश मृत्यु हो जाए तो ऋण राशि बैंक को बीमा कंपनी से मिल जाती है। इससे बैंक और ऋणी दोनों की सुरक्षा है।
-डीएल वर्मा, सीनियर मैनेजर बैंक ऑफ इंडिया एरोड्राम सर्किल ब्रांच