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तबादलों में घपला

उदयपुर. सेवानिवृत्त होने के दो दिन पहले उदयपुर मंडल की प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमला यादव ने उपशासन सचिव के आदेश का इस्तेमाल कर छह प्रधानाध्यापकों के तबादले कर दिए। दरअसल, तबादलों का अधिकार श्रीमती यादव को था ही नहीं, क्योंकि इस बार सारे तबादले राज्य सरकार के स्तर पर जयपुर से हुए थे।

मजे की बात यह है कि तबादला आदेश में उपशासन सचिव के उस पिछले आदेश के क्रमांक व दिनांक का संदर्भ के रूप में इस्तेमाल कर लिया जो पिछली तबादला सूची में अंकित था।

श्रीमती यादव द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि तबादले परिवेदनाओं या संशोधन स्वरूप हुए हैं। शिक्षक नेता भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार इन तबादलों में उनकी भी मर्जी थी। उपनिदेशक यादव ने उपशासन सचिव के आदेश को संदर्भ के रूप में भी इस्तेमाल भ्रमित करने के लिए किया, जबकि कुछ स्थानांतरण आदेश में यह संदर्भ भी नहीं लिखा गया है।

उपनिदेशक कमला यादव 30 जून को सेवानिवृत्त हुई थीं। रिटायरमेंट से पहले उनके द्वारा 28 जून को सराड़ा ब्लॉक के स्कूलों के छह प्रधानाध्यापकों के तबादला आदेश जारी किए गए। इसमें उपशासन सचिव के आदेश क्रमांक एफ.17(ई)(1) पं.रा.वि (प्राशि) 08/540 दिनांक 25 जून 2008 के संदर्भ का उल्लेख किया गया। प्रधानाध्यापकों के ये तबादले स्वैच्छिक बताए गए। गौरतलब है कि उपशासन सचिव द्वारा इस क्रमांक में जारी आदेश में उदयपुर संभाग के 274 शिक्षकों के तबादले हुए थे।

इनके हुए तबादले
उपनिदेशक यादव द्वारा जारी आदेश में रशीद मोहम्मद गदनिया को घोड़ासर से पाल निम्बोदा, जगदीश लाल को पाल सर्सिया से पहाड़ी, कनिराम चतुर्वेदी को अजबरा से पाल सराड़ा, दुर्गाशंकर चौबीसा को सिपुर से अजबरा सराड़ा लगाया गया है। इनके अलावा नरेन्द्र कुमार चौबीसा को भाणा खुर्द से पादरड़ा, गोविंद चंदेल को ढेलाई से ओढ़ा लगाया गया है। सराड़ा ब्लॉक के अलावा अन्य जगह भी ऐसे स्थानांतरण किए जाने की आशंका है।

कैंप का क्या औचित्य?
प्रारंभिक शिक्षा व पंचायती राज शिक्षकों के तबादलों के लिए राज्य सरकार ने जून में तबादला कैंप लगाकर सैकड़ों शिक्षकों के तबादला आदेश जारी किए गए थे। शिक्षा अधिकारियों को संस्थापन स्टाफ सहित जयपुर बुलवाया गया था। वहां दो से तीन जून तक चली बैठकों के बाद उपशासन सचिव के हस्ताक्षर से तबादला सूचियां जारी की गई थी जो बाद में इंटरनेट पर भी जारी की गई थी।

कुछ गलत नहीं हुआ

रिटायर्ड उपनिदेशक, प्रारंभिक कमला यादव
सवाल : प्रारंभिक शिक्षा में सरकार ने सभी तबादले किए तो आपने अपने स्तर पर अलग से स्थानांतरण कैसे कर दिए?
जवाब. मैंने कुछ भी नियम विरुद्ध नहीं किया है। अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर तबादले किए।
सवाल. डीडी या डीईओ को इस बार स्थानांतरण के अधिकार ही नहीं थे?
जवाब. बांसवाड़ा, डूंगरपुर में डीईओ ने थर्ड ग्रेड टीचर्स के तबादले किए हैं। उप निदेशक को सैकंड ग्रेड टीचर्स के तबादले का अधिकार है।
सवाल. आदेश में आपने उप-शासन सचिव के आदेश क्रमांक का हवाला क्यों दिया?
जवाब. हां तो उसी प्रस्ताव के आधार पर हमने तबादले किए, इसलिए उस क्रमांक का हवाला दिया।
सवाल. वही प्रस्ताव था तो जयपुर से ही स्थानांतरण होते, आपने आदेश क्यों किए?
जवाब. अब जयपुर से नहीं हुए..मुझे दूरभाष पर मिले निर्देश के मुताबिक मैंने तबादले किए।
सवाल. शिक्षक संगठनों के दबाव पर ऐसा किया?
जवाब. किसी का दबाव नहीं था, ऊपर से दूरभाष पर मिले निर्देश पर ऐसा किया, कुछ भी नियम विरुद्ध नहीं हुआ।
सवाल. कई शिक्षक नेता इसे नियम विरुद्ध करार दे रहे हैं?
जवाब. इन संगठन वालों का समझ नहीं आता, कभी मेरे पक्ष में खड़े होते हैं तो कभी विरोध करते हैं।

ऐसा हुआ तो बिल्कुल गलत है

डीडी, प्रारंभिक डा.श्यामसिंह मंडलिया
सवाल. प्रारंभिक शिक्षा में इस बार तबादलों का अधिकार किसके पास था?
जवाब : इस बार सभी तबादले राज्य सरकार ने किए हैं। माध्यमिक शिक्षा में यह अधिकार डीडी व डीईओ को दिए थे।
सवाल. कहीं भी डीडी या डीईओ ने तबादला आदेश किए हैं?
जवाब. प्रारंभिक शिक्षा में राज्य में कहीं भी किसी उपनिदेशक या डीईओ को हस्ताक्षर से स्थानांतरण आदेश जारी करने के पावर नहीं दिए थे। संशोधन की स्थिति अलग है।
सवाल. श्रीमती यादव ने अपने स्तर पर स्थानांतरण किए, आपको इसकी जानकारी है?
जवाब. मुझे इसकी सूचना नहीं है कि श्रीमती यादव ने ऐसे कोई तबादले किए। मैंने उनके रिटायमेंट के बाद यह अतिरिक्त कार्यभार संभाला है।
सवाल. क्या श्रीमती यादव द्वारा किए स्थानांतरण सही हैं?
जवाब. डीडी या डीईओ को स्थानांतरण अधिकार ही नहीं थे। श्रीमती यादव ने ऐसा किया है तो यह बिल्कुल गलत है।
सवाल. आप क्या कार्रवाई करेंगे?
जवाब. आपसे सूचना मिली है तो इसकी जांच और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।





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