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परमाणु करार मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भविष्य का फैसला संसद में भले ही मंगलवार को होना हो, लेकिन जहां तक जनता के विश्वास मत की बात है तो दो तिहाई लोग इस मुद्दे पर सरकार के पक्ष में खड़े हैं। भास्कर द्वारा इस मुद्दे पर देश के कई शहरों के लोगों से मांगी गई राय में ज्यादातर ने वामदलों की समर्थन वापसी को गलत माना है।
सर्वेक्षण में मुख्य रूप से भोपाल, जयपुर, इंदौर, चंडीगढ़, जालंधर, शिमला, रायपुर जैसे प्रमुख शहरों के लोगों ने भागीदारी की। ज्यादातर लोग महंगाई को एटमी करार से ज्यादा अहम मुद्दा मानते हैं। साफ-सुथरी छवि वाले मनमोहन जनता के विश्वास की कसौटी पर खरे उतरे हैं। बमुश्किल एक तिहाई लोगों ने उनकी सरकार गिरने के पक्ष में राय दी है। सांसदों की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त की भी जनता ने आशंका जताई है।
कैसे किया सर्वेक्षण
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भास्कर ने इस देशव्यापी सर्वेक्षण के तहत एसएमएस और फोन पर लोगों के विचार जाने। देश भर से 1413 लोगों ने इसमें हिस्सा लिया, इनमें से 1278 लोगों ने एसएमएस से और 135 लोगों ने फोन पर अपनी राय व्यक्त की।
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एक नजर में सर्वेक्षण
1. क्या एटमी करार पर मनमोहन सरकार का गिरना देशहित में है?
हां नहीं पता नहीं
३२.४२ %, ६६.६६% क्.९१%
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2. क्या वाम दलों ने समर्थन वापस लेकर ठीक किया?
हां नहीं पता नहीं
२७.८७ % ७क्.३७% १.७५ %******************************
3. क्या महंगाई से बड़ा मुद्दा है एटमी करार?
हां नहीं पता नहीं
३६.७८ % ५९.६३% ३.५७ %*************************************
4. क्या सरकार गिराने-बचाने के लिए सांसद खरीदे जा रहे हैं?
हां नहीं पता नहीं
७७.२६ % ७.१७ % १५.५६%
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