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International International हरारे.
मुद्रास्फीति के अभूतपूर्व संकट से जूझ रहे जिम्बाब्वे के केंद्रीय बैंक ने शनिवार को 100 बिलियन डॉलर के नोट जारी किए ताकि नकद संकट से उभरा जा सके। ये नोट आधिकारिक रूप से प्रचलन में सोमवार से आएंगे मगर शनिवार शाम से ही करेंसी डीलर मार्केट में उपलब्ध थे।
सुनने में यह रकम बहुत ही बड़ी जरूर है मगर जिम्बाब्वे के मौजूदा हालात और महंगाई के मद्देनजर इसके बदले शायद ब्रेड का एक पैकेट भी न मिल सके। इस रकम से संभवत: चार संतरे ही खरीदे जा सकेंगे। नया नोट एक अमेरिकी डॉलर के बराबर मूल्य का है। जिम्बाब्वे में फिलहाल मुद्रास्फीति की दर 22 लाख प्रतिशत है। इस देश में दिसंबर 2007 से बड़े मूल्य के नोट चलन में आए हैं।
पहली बार 2.5 लाख जिम्बाब्वे डॉलर का नोट जारी किया गया था। इसके बाद जनवरी में 10 लाख और एक करोड़ डॉलर का नोट जारी किया गया। मई माह में 2.5 करोड़, 5 करोड़ से 50 बिलियन तक का नोट जारी किया गया। शनिवार को जारी सौ बिलियन का नोट दरअसल एक बिअरर चेक की तरह है। इसकी वैधता अवधि 31 दिसंबर तक है। वर्ष 2003 के दौरान बिअरर चेक अस्तित्व में आने के बाद से जिम्बाब्वे में औपचारिक मुद्रा नहीं है।