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Dalal Street Dalal Street मुंबई.शेयर बाजार मंगलवार को यूपीए सरकार की संख्याओं के बारे में शायद काफी आश्वस्त था। बीएसई सेंसेक्स में 250 अंक का इजाफा हुआ और सेंसेक्स 14,000 के मनोवैज्ञानिक निशान को पार गया। जिस तरह से विश्वास मत के पहले चार दिन में सेंसेक्स ने 1528 अंक का सुधार किया है, सरकार विश्वास मत हासिल कर लेती है तो शार्ट टर्म रैली के संकेत मिल रहे हैं। वहीं क्रूड आयल में तेजी के समय मुनाफावसूली से भी इंकार नहीं किया जा सकता। निफ्टी में भी 61 अंक की बढ़त रही और यह 4,200 से ऊपर जाकर 4,240 के स्तर पर बंद हुआ।
सटोरिए विश्वास मत पर यूपीए सरकार के जीत हासिल कर लेने के समर्थन में ज्यादा पैसे दांव पर लगाते देखे गए। बाजार की धारणा में भी मजबूती का रुख रहा। पिछले कुछ दिनों से जारी अस्थिरता को विराम लगा। निवेशकों की नई खरीदी का जोर देखा गया। संसद में विश्वास मत पर मतदान के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के शुरू होने से लेकर मंगलवार की शाम तक तेजी के रुख में सेंसेक्स 400 अंक मजबूत हुआ है।
क्या हुआ:
सत्र की शुरुआत में कुछ कमजोर खुला सेंसेक्स समय निकलने के साथ-साथ मजबूत होता गया। बाजार में यह तेजी वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बयान से आई। चिदंबरम ने संसदीय बहस के दौरान कहा कि वित्त वर्ष 2007-08 में देश ने सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 9.1 फीसदी हासिल की है। इस बयान के बाद दोपहर में 12 बजे सेंसेक्स 356 अंक उछलकर 14,206 का स्तर छू गया था।
शाम को यह 254 अंक की बढ़त के साथ 14,104 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स 12 फीसदी या 1528 अंक मजबूत हो चुका है।
क्या होगा:
टॉरस म्यूचुअल फंड के एमडी आर.के. गुप्ता का कहना है बुधवार का दिन बाजार का रुख निर्धारित करेगा। अगर सरकार विश्वास मत पर जीत हासिल नहीं कर पाती है तो बाजार में गिरावट दिखाई दे सकती है। विश्वास मत का नतीजा चाहे जो हो लेकिन सेंसेक्स में 1,500 अंक की बढ़त के बाद करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या हैं कारण
>> उद्योग जगत को लग रहा है कि विश्वास मत जीतने के बाद मनमोहन सरकार आर्थिक सुधारों को गति देगी। >> सरकार उन आर्थिक बिलों को पास कराने के पूरे प्रयास करेगी, जो वामपंथी दलों के कारण अटके हुए थे। >> सेंसेक्स पहले ही काफी ज्यादा बिकवाली कर चुका था। कई अच्छे शेयर निचले स्तर पर उपलब्ध थे।
अभी बाजार यूपीए की जीत मानकर चल रहा है। आगे चलकर मुनाफावसूली भी दिखाई दे सकती है। -अभीक बरुआ, चीफ इकानामिस्ट, एचडीएफसी बैंक