नई दिल्ली.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वामदलों पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने वामपंथी नेताओं के संदर्भ में आरोप लगाया कि वे मुझसे बंधुआ की तरह व्यवहार करना चाहते थे। उन्होंने मंगलवार को लोकसभा में विश्वास मत पर बहस का जवाब देते हुए बताया कि वामपंथी वार्ता के हर कदम पर वीटो करना चाहते थे।
सिंह ने वामपंथियों को ‘हमारे दोस्त’ कहकर संबोधित किया और प्रकाश करात पर गलत गणनाएं करने का आरोप लगाया। सिंह ने आडवाणी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अक्षमता के आरोपों के जवाब में कहा कि भाजपा नेता को गुजरात के जलने और कंधार विमान अपहरणकांड के दौरान निभाई गई भूमिका का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा, ‘क्या हमारा देश ऐसे गृहमंत्री को माफ कर सकता है, जो संसद के दरवाजे तक आतंकियों के घुस आने के बावजूद सोया हुआ था?
क्या देश ऐसे व्यक्ति को क्षमा कर सकता है, जिसने बाबरी मस्जिद को गिराने की प्रेरणा दी।’उन्होंने आडवाणी को सलाह दी कि वे भारत के हित में अपने ज्योतिषियों को तो बदल लें। पीएम ने कहा कि आडवाणी ने सरकार की आलोचना में खराब शब्द इस्तेमाल किए। मुझे निकम्मा तक कहा।