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International International वड़ोदरा.
अब तक इस्टरबनी के नाम से पहचाने जाने वाले ग्रह को पृथ्वी के सौरमंडल में ग्यारहवें सदस्य के रूप में मान्यता दी गई है। इसे अब महकेह के नाम से जाना जाएगा। इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमर्स यूनियन (आईएयू) ने महकेह को ड्वार्फ प्लैनेट (क्षुद्र ग्रह) माना है। सौरमंडल में प्लूटॉइड्स श्रेणी के सेरेस, प्लूटो और एरिस के रूप में तीन क्षुद्र ग्रह पहले से ही मौजूद हैं।
कैलिफोíनया के खगोल वैज्ञानिक मैकब्राउ ने 31 मार्च 2005 को महकेह की खोज की थी। वड़ोदरा प्लैनेटोरियम के इंजीनियर दिव्य दर्शन पुरोहित ने बताया कि उस समय इस ग्रह को एफवाई-9 कहा गया था। हालांकि ईस्टर के दिन ग्रह की खोज होने के कारण वैज्ञानिकों ने इसे इस्टरबनी नाम दिया था। महकेह की सूर्य से दूरी का अभी तक पता नहीं चल सका है।
क्या हैं प्लूटॉइड्स :
सूर्य की परिक्रमा करने वाले और यूरेनस के बाद आने वाले वे सभी ग्रह, जिनकी कक्षा में कोई दूसरा पिंड चक्कर नहीं लगाता है, प्लूटॉइड्स कहलाते हैं। दो साल पहले प्लूटो को सौर परिवार से निकाले जाने के बाद इस वर्ग की घोषणा की गई थी।