नई दिल्ली. सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा आखिरकार करनाल के सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को बसपा के मोहपाश से निकालने में कामयाब रहे। जब शर्मा ने सरकार के पक्ष में वोट डाला, हरियाणा के सांसदों ने राहत की सांस ली। हालांकि कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस के खिलाफ वोट दिया। शर्मा द्वारा सोमवार देर शाम बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने और यूपीए के खिलाफ वोट देने की घोषणा के बाद हुड्डा हरकत में आए।
हिसार के सांसद जयप्रकाश को रातोंरात दूत बनाकर उनके पास भेजा गया। मान-मनौव्वल मंगलवार तड़के तीन बजे तक चला। मोतीलाल वोरा, कमलनाथ, अहमद पटेल से भी उनकी बात कराई गई। इसके बाद संसद के विशेष सत्र के दूसरे व अंतिम दिन दोपहर को संसद भवन में उन्होंने पत्रकारों से घर वापसी की बात कहते हुए कहा कि उनसे गलती हो गई थी।
वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सीएम हुड्डा का बहुत सम्मान करते हैं और यूपीए के पक्ष में वोट देंगे। हालांकि अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि शर्मा को मनाने के लिए हुड्डा और कांग्रेस आलाकमान ने क्या नुस्खा आजमाया, लेकिन संकेत मिले हैं कि उन्हें करनाल से दोबारा टिकट का आश्वासन मिला है। यही नहीं, करनाल संसदीय क्षेत्र से संबंधित उनकी कुछ मांगों को भी हुड्डा ने स्वीकार कर लिया है।
उधर कुलदीप बिश्नोई द्वारा पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी के खिलाफ वोट देने के साथ ही उन्हें लोकसभा की सदस्यता के अयोग्य घोषित करने का रास्ता साफ हो गया। उनके खिलाफ सदन की विशेषाधिकार समिति के पास मामला पहले से ही विचाराधीन है।