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बीस करोड़ में बिक गए लिबड़ा: बादल

चंडीगढ़.सरकार बचाने के लिए जो 10 सांसद सदन से गैरहाजिर हुए, उनमें रोपड़ के अकाली दल के सांसद सुखदेव सिंह लिबड़ा भी हैं। शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने आरोप लगाया है कि वे 20 करोड़ रुपए मंे बिक गए और खरीद-फरोख्त शिरोमणि अकाली दल, दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना के जरिए की गई है। पार्टी प्रधान ने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

संसद की कार्यवाही खत्म होने के बाद जैसे ही तस्वीर साफ हुई कि सुखदेव सिंह लिबड़ा मतदान से गायब रहे तो सुखबीर ने पत्रकारों से कहा कि मनमोहन सिंह ने छह महीने के लिए अपनी सरकार को बचाने को 300 करोड़ रुपए तक खर्च कर सांसदों की खरीद-फरोख्त की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की परम्पराएं डॉ मनमोहन सिंह ने कायम कर दी हैं,

उससे अगला प्रधानमंत्री कोई आम आदमी नहीं बल्कि कोई पैसेवाला ही हो सकेगा। उधर लिबड़ा के पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि उनकी तबीयत अचानक खराब होने से उन्हें अस्पताल मंे भर्ती करवाया गया है, हालांकि खुफिया तंत्र इसकी जांच कर रहा है कि आखिर लिबड़ा को किस अस्पताल मंे भर्ती करवाया गया है।

मंगलवार की सुबह में ही यह तय हो गया था कि अकाली दल सांसद लिबड़ा मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। नई दिल्ली में रहने के बावजूद वे लोकसभा में नहीं पहुंचे और न ही पार्टी के नेताओं से कोई संपर्क किया। दिन में करीब छह बार पार्टी के प्रधान बादल ने उनसे टेलीफोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। लेकिन बादल पत्रकारों को यह बताते रहें कि मतदान के समय तक लिबड़ा लोकसभा में पहुंच जाएंगे। मतदान के बाद जब पत्रकारों ने लिबड़ा की अनुपस्थिति का कारण पूछा, तो उन्होंने कहा, लिबड़ा ने व्हिप का उल्लंघन किया है। उन्होंने पार्टी में रहने की अपनी यो%यता खो दी है।

बादल के अनुसार पार्टी की संसदीय दल में लिबड़ा के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पंजाब कांग्रेस की प्रधान रंिजंदर कौर भट्ठ्ल, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अकाली दल के सांसदों को सिख प्रधानमंत्री के नाते डा. मनमोहन सिंह के समर्थन में मतदान करने या मतदान से अनुपस्थित रहने की सलाह दी थी। इसके अलावा अमेरिका में कई सिख नेताओं ने अकाली दल के सांसदों से डा. मनमोहन सिंह की सरकार बचाने के लिए अकाली नेताओं पर दबाव डाला था। इसके बाद से यह अनुमान लगाया जा रहा था कि अकाली दल में मतदान को लेकर विरोध हो सकता है।





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