नई दिल्ली.भारतीय संसद के इतिहास में मंगलवार का दिन काला अध्याय बनकर आया। विश्वास मत पर बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के तीन सदस्यों ने जिस तरह करोड़ों रुपए संसद के समक्ष रखे, उससे एक बार फिर लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था और जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग गया है।
इसी को लेकर ‘दैनिक भास्कर’ ने देशभर में आम जनता से कथित घूसखोरी के इस गंभीर मामले पर उनकी राय जानने के लिए कुछ प्रश्न किए थे। इनके जवाब में 49 फीसदी लोगों ने माना कि कथित घूस की राशि के प्रदर्शन से भाजपा की साख को धक्का लगा है। वहीं, इसको सही और गलत मानने वालों की संख्या लगभग बराबर रही। ज्यादातर लोगों ने मामले को उठाने वाले तीन सांसदों को विश्वसनीय नहीं माना और 65 फीसदी लोगों की राय थी कि इन सांसदों पर घूस लेने का मामला चलना चाहिए। 54 फीसदी की राय थी कि अभी लोकसभा भंग करने का वक्त नहीं आया है।
क्या इस तरह संसद में तथाकथित घूस की राशि के प्रदर्शन को आप उचित मानते हैं ?
अ. हां-44 फीसदी
ब. नहीं-49 फीसदी
स. पता नहीं-07 फीसदी
इस मामले में किस राजनीतिक पार्टी की साख को धक्का लगा है ?
अ. कांग्रेस-35 फीसदी
ब. भाजपा-49 फीसदी
स. सपा-16 फीसदी
इस प्रकरण में क्या तीनों सांसदों पर घूस लेने का मामला चलना चाहिए ?
अ. हां-65 फीसदी
ब. नहीं-24 फीसदी
स. पता नहीं-11 फीसदी
क्या अब लोकसभा भंग कर चुनाव कराने का वक्त आ गया है ?
अ. हां-37 फीसदी
ब. नहीं-54 फीसदी
स. पता नहीं-09 फीसदी
इस मामले को उठाने वाले तीन सांसदों को आप विश्वसनीय मानते हैं ?
अ. हां-25 फीसदी
ब. नहीं-47 फीसदी
स. पता नहीं-28 फीसदी