नई दिल्ली.
लोकसभा अघ्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को सीपीएम ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने के आरोप लगाते हुए पार्टी से निकालने का फैसला कर लिया है। आज सीपीएम की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें यह माना गया कि सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा अघ्यक्ष पद से त्यागपत्र न देकर पार्टी का अपमान किया है इसलिए उनकों पार्टी से निष्कासित किया जाता है।
सीपीएम पोलित ब्योरे ने आज एक लिखित बयान जारी कर लोकसभा अध्यक्ष और सीपीएम नेता सोमनाथ चटर्जी को पार्टी विरोधी कार्य करने का आरोप लगाते हुए पार्टी से बाहर कर दिया है। सबसे अचंभित करने वाली बात तो यह रहीं की उनकों पार्टी से बाहर निकालने की औपचारिक घोषणा करने की हिम्मत कोई भी वरिष्ठ नेता सामने नहीं आया बल्कि लिखित बयान जारी किया गया।
पार्टी से ऊपर नहीं : बुधवार को कोलकाता में हुई माकपा पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। पोलित ब्यूरो के सदस्य बिमान बोस ने पत्रकारों को बताया, ‘सोमनाथ चटर्जी ने पार्टी के अनुशासन को तोड़ा है। बोस ने कहा कि कोई भी सदस्य पार्टी से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘हम पार्टी के नियमों से बंधे हुए हैं। पार्टी नियमों का पालन न करने वालों से संबंध विच्छेद कर लिए जाते हैं। अब हम उन्हें स्पीकर के तौर पर स्वीकार नहीं कर सकते।’ चटर्जी के निष्कासन से पार्टी पर क्या कोई प्रभाव पड़ेगा, इस पर बोस ने कहा, ‘मैं इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहता।’
बने रहेंगे स्पीकर :
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चटर्जी के निष्कासन के तुरंत बाद कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि सोमनाथ को पूरे सदन ने स्पीकर चुना है, इसलिए इस पद पर दूसरे किसी और को बिठाने का सवाल ही नहीं उठता।
विवादों में भी रहे सोमदा :
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2005 में झारखंड विधानसभा के विश्वासमत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करके वे विवादों में रहे। सोमदा ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि झारखंड विस की कार्रवाई के बारे में आदेश जारी करके सुप्रीम कोर्ट विधायिका के अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रपति की सलाह मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का समर्थन कर रही भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए चटर्जी से इस्तीफे की मांग की थी।
राजनीतिक सफरनामा
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1968 : सोमनाथ चटर्जी ने पहली बार 1968 में ज्योति बसु से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी ।
1971 : पहली बार सांसद चुने गए और लगातार १क् बार लोकसभा सांसद के रुप में चुने गए
1996 : 1996 में लोकसभा के सर्वश्रेष्ठ सांसद चुने गए।
4 जून 2004 : जून को लोकसभा के स्पीकर पद के लिए सभी पार्टिर्यो ने चुना
23 जुलाई 2008 : आज 23 जुलाई 2008 को पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने का आरोप लगाकर पार्टी से बाहर निकाला गया।