नई दिल्ली.लोकसभा में विश्वास मत पर मतदान में अपनी-अपनी पार्टियों से ‘विश्वासघात’ करने वाले दस सांसदों को निष्कासित कर दिया गया है। बुधवार को भाजपा ने आठ और बीजेडी व टीडीपी ने अपने एक-एक सांसद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। विश्वास मत में क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थित रहकर यूपीए सरकार की जीत में मददगार बने अपने सांसदों के खिलाफ अन्य विपक्षी दल भी इसी तरह की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
भाजपा से निष्कासित किए गए आठ सांसदों में से चार ने विश्वासमत में क्रॉस वोटिंग की थी, जबकि बाकी चार अनुपस्थित थे। एनडीए की घटक बीजू जनता दल (बीजेडी) ने अपने सांसद हरिहर स्वैन को ‘विश्वासघाती’ बताते हुए निष्कासित कर दिया है। वहीं तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर अपने सांसद एम जगन्नाथम के साथ भी यही सलूक किया।
पांच मिनट से ज्यादा नहीं लगे :
वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने यहां पत्रकारों से कहा कि सांसदों के विश्वासघात से पार्टी के भीतर इतनी नाराजगी थी कि उनके निष्कासन का फैसला लेने में पांच मिनट से ज्यादा नहीं लगे। उन्होंने कहा, ‘अगर क्रॉस वोटिंग नहीं होती तो सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर पाती।’ आडवाणी के अनुसार, पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले इन आठ सांसदों की लोकसभा से सदस्यता समाप्त करवाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
ये भी तैयारी में :
एमडीएमके के सूत्रों ने चेन्नई में बताया कि पार्टी ने सरकार के पक्ष में वोट करने वाले अपने दो सांसदों एल गणोशन और जिंजी रामचंद्रन की लोकसभा से सदस्यता समाप्त करने की मांग करने का फैसला किया है। उधर, शिरोमणि अकाली दल ने भी विश्वासमत के दौरान गैर हाजिर रहे अपने सांसद सुखदेव सिंह लिबड़ा के कृत्य को गंभीरता से लिया है। अकाली दल प्रमुख और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि लिबड़ा के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता दल (एस) भी अपने सांसद रामस्वरूप प्रसाद को निष्कासित करने की तैयारी में है।
बागी सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन :
विश्वास मत में भाजपा से दगाबाजी करने वाले सांसदों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी अपना गुस्सा उतारा है। बेंगलूर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सांसद एचटी संगलियान के निवास के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं इंदौर में सांसद चंद्रभान सिंह के निवास के बाहर भी प्रदर्शन किए गए। विश्वासमत के दौरान अनुपस्थित रहे सांसद हरिभाऊ को भी मुंबई में भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा। उनके निवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सबने गिनाए अपने-अपने कारण :
बगावत करने वाले सांसदों ने क्रॉस वोटिंग करने या अनुपस्थित रहने के अपने-अपने कारण गिनाए हैं। बीजेडी के हरिहर स्वैन ने कहा कि उन्हें सरकार के पक्ष में वोट करने के लिए पैसे नहीं मिले थे, बल्कि उन्होंने ऐसा उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बदला लेने के किया। भाजपा के हरिभाऊ ने अपनी अनुपस्थिति की वजह बताते हुए कहा कि वे अचानक बीमार पड़ गए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि वे लोकसभा में उपस्थित रहते, तब भी सरकार के पक्ष में ही वोट डालते। वहीं, अकाली दल के सुखदेव सिंह लिबड़ा ने कहा कि परमाणु करार देशहित में है, इसलिए उनके जमीर ने इजाजत नहीं दी कि वे सरकार के विरोध में मतदान करें। उन्होंने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के इस आरोप को बेबुनियाद बताया कि वे 20 करोड़ रुपए लेकर संसद से गायब रहे थे।
विभिन्न पार्टियों से निष्कासित सांसद
भाजपा :
* ब्रजभूषण शरण सिंह (बलरामपुर)
* मंजूनाथ (धारवाड़)
* चंद्रभान सिंह (दमोह)
* एचटी संगलियान (बेंगलूर उत्तर)
* मनोरमा माधवराज (उडीपी)
* हरिभाऊ (जलगांव)
* बाबूभाई कटारा (दाहोद)
* सोमाभाई पटेल (सुरेंद्रनगर)
बीजेडी : * हरिहर स्वैन
टीडीपी :
* एम जगन्नाथम
इन पर गिर सकती है गाज
एमडीएमके :
* एल गणोशन * जिंजी रामचंद्रन
अकाली दल * सुखदेव सिंह लिबड़ा जनता दल * रामस्वरूप प्रसाद