छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर की एक स्थानीय अदालत ने दो साल पहले एक महिला के सती होने के प्रकरण में उसके ही चार बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
छतरपुर के सत्र न्यायाधीश एन.के पोरवाल ने बुधवार इस मामले की सुनवाई करते हुए सती होने वाली महिला करोई बाई के चार पुत्रों रामकरण, धृतपाल, कृपाल और कुबेर को धारा 306 के अंतर्गत 10 साल और सती कानून के अंतर्गत आजीवन कैद की सजा सुनाई।
ज्ञातत्व है कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बनियान गांव में करोई बाई ने 20 सितंबर 2006 को अपने पति के साथ चिता पर बैठकर खुद सती हो गई थी। इसके बाद वहां की पुलिस ने इस मामले में सती महिला के चारों पुत्रों सहित कुल 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप दाखिल करके कोर्ट के समक्ष पेक्ष किया था। उसके बाद कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए 11 आरोपियों को मुक्त कर दिया जबकि सती महिला के चार पुत्रों को इस प्रकरण में मुख्य अभियुक्त करार देते हुए उन्हें उम्र कैद की सजा से दंडित किया।