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तेल और राजनीति से सोना, शेयर चमके

मुंबई. सरकार को बहुमत क्या मिला, बुधवार को जैसे हर मोर्चे से अच्छी खबरें आ रही थीं। तेल की कीमतों में गिरावटी दिखी तो सेंसेक्स उछाल भर गया। सोना सस्ता हुआ वहीं रुपए में मजबूती आ गई। अब सवाल सिर्फ यह है कि क्या फिर सुनहरा वक्त लौट आया है?

सेंसेक्स: 838 अंक की उछाल ने सेंसेक्स को फिर 15,000 के करीब पहुंचा दिया। केवल पांच दिनों में बाजार पूंजीकरण में करीब 6 लाख करोड़ का इजाफा हो गया।

क्या कारण: क्रूड आयल की कीमतों में कमी, अस्थिरता खत्म होने के बाद आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद।

क्रूड आयल : 126.82 डॉलर प्रति बैरल पर न्यूयार्क में जब क्रूड आयल पहुंचा तो केवल आठ दिनों में 21 डॉलर प्रति बैरल की कमी आ चुकी थी।

क्या कारण: हरिकेन डॉली के असर से तेल की ड्रिलिंग रुकने की आशंकाएं कम हुई।

क्या होगा: बुनियादी घटक बदले नहीं हैं। दुनिया में अस्थिरता बढ़ी तो क्रूड आयल फिर तेज हो सकता है।

मुद्रा बाजार 64

पैसे के इजाफे के साथ रुपया डॉलर के मुकाबले 42.49 रुपए प्रति डॉलर पर जा पहुंचा।

क्या कारण: विश्वास मत जीतने के बाद आर्थिक सुधार और विदेशी मुद्रा का प्रवाह (डॉलर) बढ़ने की उम्मीद में निर्यातकों ने डॉलर बेचा।

क्या होगा: अभी अनिश्चितता के तमाम कारण पहले की तरह मौजूद हैं।

सोना 510

रुपए प्रति दस ग्राम की गिरावट से सोना दिल्ली के सराफा बाजार में 13040 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 6.43 डॉलर की गिरावट से 939.97 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

क्या कारण: निवेशकों ने शेयर बाजार का रुख किया वहीं दुनिया में क्रूड आयल में गिरावट के कारण सोने के निवेशकों ने हाथ खींचे।

क्या होगा: क्रूड आयल गिरता हुआ अगर 110 डॉलर तक जाता है तो सोना भी आगे 12500 रुपए प्रति दस ग्राम तक जा सकता है।





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dr. bhawani singh
Thursday, 24th Jul 2008, 12:12
ok its well that we are think about our eco but why we should have cross the dolar.its very bed.we want that $ will be eq as rupee.