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Other Sports Other Sports नई दिल्ली.
बीजिंग ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके भारतीय खिलाड़ियों में 6 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो देश का सर्वोच्च ‘राजीव गांधी खेल रत्न’ पुरस्कार जीत चुके हैं।
रोचक सवाल यह है कि क्या ये ‘खेल रत्न’ बीजिंग में ‘ओलिंपिक रत्न’ बन पाएंगे। लिएंडर पेस (१९९६-९७), अभिनव बिंद्रा (2001-02), अंजलि भागवत (2002-03), अंजू बॉबी जार्ज (2003-04), राज्यवर्धन ¨सह राठौड़ (2004-05) और मानवजीत ¨सह संधू (२क्क्६-क्७) राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।
इनमें से पेस १९९६ के अटलांटा ओलिंपिक में कांस्य पदक और डबल ट्रैप निशानेबाज राठौड़ ने २क्क्४ के एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक जीता था। राजीव गांधी खेल रत्न की १९९१-९२ में शुरुआत होने के बाद से अब तक जिन खिलाड़ियों ने यह
प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किया है, उनमें से 3 ऐसे हैं जो ओलिंपिक पदक जीत पाए हैं।
पेस और राठौड़ के अलावा यह Ÿोय महिला भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी को हासिल है। 1995-96 में ‘खेल रत्न’ जीतने वाली मल्लेश्वरी ने २क्क्क् ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था। मल्लेश्वरी एकमात्र ऐसी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ‘खेल रत्न’ बनने के बाद ओलिंपिक पदक जीता था। बीजिंग ओलिंपिक में भारत की उम्मीदें टेनिस जोड़ी पेस और महेश भूपति तथा निशानेबाजों पर ज्यादा टिकी हुई हैं।
लिएंडर पेस और महेश भूपति यदि पुराना तालमेल बना पाए, तो वे भारत के लिए पदक जीत सकते हैं। पेस-भूपति एथेंस में कांस्य पदक के लिए मैराथन संघर्ष में प्लेआफ मुकाबला हारी थी। लिएंडर पेस का यह पांचवां ओलिंपिक होगा। निशानेबाजों
में चार खेल रत्न राठौड़ (डबल ट्रैप), अंजलि (५क् मी. राइफल थ्री पोजीशन), अभिनव बिंद्रा (१क् मी. एयर राइफल) और मानवजीत संधू (ट्रैप) पहले भी विश्वस्तरीय प्रदर्शन कर चुके हैं।
ये चारो भी बीजिंग ओलिंपिक में पदक के दावेदार होंगे। लांग जंपर अंजू भी पदक की दावेदार हो सकती हैं। अंजू पिछले एथेंस ओलिंपिक में लंबी कूद स्पर्धा के फाइनल में पहुंची थी।