|
नई दिल्लीसमाजवादी पार्टी ने भाजपा के उन तीनों सांसदों को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है, जिन्होंने मंगलवार को विश्वास मत के दौरान वोटिंग से बाहर रहने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया था। सपा सांसद मोहनसिंह ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को यह नोटिस सौंपा। हालांकि स्पीकर ने ऐसे किसी भी नोटिस के प्राप्त होने से इनकार किया है।
सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि भाजपा के तीनों सांसदों, अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा के विरूद्ध रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि पहले भी एक सांसद के खिलाफ सदन में सवाल पूछने के लिए 5000 रुपए लेने पर कार्रवाई की जा चुकी है। गौरतलब है कि इन भाजपा सांसदों ने समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह और पार्टी नेता रेवती रमण सिंह पर विश्वास मत के दौरान वोटिंग नहीं करने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया था।
प्रक्रिया का पालन होगा
इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा है कि उन्हें भाजपा सांसदों को रिश्वत देने से जुड़े मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई भी कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी।
सपा की दलील >> लोकसभा इस बात का संज्ञान नहीं ले सकती है कि किसने रिश्वत दी है। वह केवल इस बात को देखती है कि क्या संबंधित सांसद ने रिश्वत ली है।
>> लोकसभा के सदस्यों की आचार संहिता के अनुसार, अध्यक्ष की अनुमति के बिना कोई भी वस्तु सदन में नहीं लाई जा सकती है। भाजपा सांसदों ने इसका उल्लंघन किया है।
>> रिश्वत देने का आरोप लगाने वाले भाजपा सांसदों ने सपा सदस्य (मोहन सिंह) के भाषण में रुकावट डाली। नोटिस में इसे अभिव्यक्ति के अधिकार का हनन बताया गया है।
>> नोटिस का अंतिम बिंदु सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाए जाने को लेकर है और इसके लिए भी तीनों भाजपा सांसदों को दोषी ठहराया गया है।