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शरारती तत्वों का लग रहा जमावड़ा

भोपाल. शहर के अनेक इलाकों में युवाओं के जमावड़े से लोग परेशान हैं। वजह यह कि ऐसे अनेक समूह नशा करने से लेकर मस्ती के नाम पर शोर के जरिए लोगों को परेशान कर रहे हैं।

कुक्कुट भवन के पास बन रही रिवेरा टाउनशिप इन लोगों का नया ठिकाना बन गई है। एमपी नगर, ज्योति टाकीज के अलावा वन विहार के पास भी युवाओं के ऐसे जमघट से स्थानीय रहवासी और राहगीर परेशान हैं।

दैनिक भास्कर सिटीजन जर्नलिस्ट के तौर पर भास्कर की पाठिका बिंदु ने बताया कि किस तरह माता मंदिर पर निर्माणाधीन रिवेरा टाउनशिप के मकान असामाजिक तत्वों का डेरा बन गए हैं। वे मकानों के भीतरी हिस्सों में छिप कर नशा करते हैं। यहां अन्य असामाजिक गतिविधियां भी चलती हैं।

उल्लेखनीय है कि टीन शेड के नीचे हिस्से में तोड़े गए मकान भी कुछ समय पहले तक ऐसी ही गतिविधियों के केंद्र थे। आसपास रहने वालों का कहना है कि उस समय सूने मकानों के बाहर दो पहियां वाहन खड़े नजर आते तो सभी समझ जाते थे कि भीतर कुछ त्नगलतत्न हो रहा है। अन्य कई हिस्सों को लेकर भी इस तरह की शिकायतें आम हैं। इनमें से अधिकांश मामले युवाओं के जमावड़े को लेकर हैं।

अरेरा कालोनी क्षेत्र में बीते दिनों किराए के एक मकान में रह रहे युवाओं ने पार्टी के नाम पर इतना गदर किया कि पास रह रहे एक सेवानिवृत्त नौकरशाह को पुलिस बुलानी पड़ी। निजी होस्टल को लेकर भी इस तरह की शिकायतें आम हैं। ऐसा जमावड़ा सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की परेशानी का सबब बन रहा है। माता मंदिर के शापिंग काम्पलेक्स में जाने वालों का कहना है कि वहां सिगरेट के साथ कोल्ड ड्रिंक का लुत्फ उठाते युवाओं की भाव-भंगिमा ऐसी रहती है कि वहां जाने में ही डर लगता है।

तुलसी नगर निवासी अंजू जैन बताती हैं कि बीते रविवार वे भदभदा देखने गई थीं, वापसी मे प्रेमपुरा से होते हुए वन विहार तक जाने की योजना बनी, लेकिन उस मोड़ पर बैठ कर बियर पी रहे युवाओं को देख कर उन्होंने मन बदल लिया। अंजू कहती हैं त्नऐसा नहीं कि उनके इरादे खराब ही रहे हों, लेकिन शहर का माहौल ऐसा हो गया है कि वहां न जाना ही बेहतर समझा।

इस समूह से जुड़ी दिक्कतें यहीं तक सीमित नहीं हैं। वल्लभ भवन में कार्यरत जीपी अवस्थी बीते दिनों ठंडी सड़क के पास अपने स्कूटर से उस समय गिरते-गिरते बचे जब पांच मोटर सायकिल सवार युवा तेज रफ्तार से उन्हें ओवरटेक करते हुए निकले। श्री अवस्थी का कहना है त्नरफ्तार के साथ ही वे इस कदर लगातार हार्न बजा रहे थे कि मानो कोई आफत आ गई हो।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के रीजनल डायरेक्टर प्रो. केएस तिवारी का मानना है कि हर जगह युवाओं का समूह परेशानी का कारण नहीं बनता, लेकिन अधिकांश मामलों में ऐसा ही होता है कि उनसे बच कर निकलने में ही भलाई महसूस होती है। एमपी नगर में ज्योति टाकीज के सामने का हिस्सा हो या पांच नंबर का मार्केट, दोनो जगह बनी शराब की दुकानों के सामने नशे में धुत युवाओं के झगड़े आम बात हो चुकी है।

ऐसे जमावड़े से डर की वजह शहर में बढ़ती आपराधिक वारदातें भी हैं। चूंकि चैन लूटने के लगभग हर मामले में बाइक सवार किसी युवा के शामिल होने की बात सामने आई है इसलिए जरा भी संदिग्ध हालत वाला युवाओं का जमावड़ा सहज रूप से लोगों के डर का सबब बन जाता है।

क्या कहते हैं अधिकारी
असामाजिक गतिविधियों के यह ठिकाने पुलिस की निगाह में हैं। इन स्थानों पर निगरानी और सख्त की जाएगी और शरारती तत्वों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस हर तरह से इन लोगों पर शिकंजा कस रही है। जिससे लोगों को कोई दिक्कत न हो।
- जयदीप प्रसाद,पुलिस अधीक्षक





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