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जयपुर. शहर के सभी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों- उल्टी-दस्त, बुखार, आंखों का इन्फेक्शन, टायफाइड, मीजल्स, न्यूमोनिया, मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जेके लोन अस्पताल में 19, 20 व 21 जुलाई को उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित 400 से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। एसएमएस अस्पताल में 10 व 15 जुलाई को दो लोगों की मलेरिया से मौत की पुष्टि हुई है।
जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डी.डी. सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में डेंगू का कोई भी केस नहीं है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे इस मौसम में बच्चों को मच्छरों से बचाएं तथा खानपान में एहतियात बरतें। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अशोक गुप्ता ने बताया कि बच्चों में 90 से 95 प्रतिशत आंत्रशोथ का कारण विषाणु होते हैं, जिससे दस्त के साथ खून और बुखार आता है। थोड़ी सी लापरवाही से बच्चे बीमार हो जाते हैं। डॉ. बी.एन.राजोरिया ने बताया कि आंत्रशोथ में शरीर से पानी और खनिज लवण निकलते रहने से बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि बच्चे या बड़े के पेट में कोई विषाणु भोजन या पानी के साथ ही जाता है।
मलेरिया से दो मौतें
पिछले 15 दिन में एसएमएस अस्पताल में भर्ती दो व्यक्तियों की मलेरिया से मौत हो गई। बहरोड़ निवासी यादराम के खून की जांच में प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम एवं प्लाजमोडियम वाइवेक्स नामक दोनों जीवाणु पाए गए। उसकी 10 जुलाई को मौत हो गई।
झुंझुनू निवासी जीतू की प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम पॉजीटिव होने से 15 जुलाई को मौत हुई। चिकित्सकों के अनुसार प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम ज्यादा खतरनाक होता है। अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य बी.आर.मीणा ने बताया कि घर-घर जाकर सैंपल लिए जा रहे हैं तथा मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए जगह-जगह स्प्रे करने के आदेश दिए गए हैं। जनवरी 2008 से अब तक एसएमएस अस्पताल में प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम के दो तथा प्लाजमोडियम वाइवेक्स के सात मरीज आए हैं।
डेंगू के मरीजों का घर-घर सर्वे होगा
जयपुर. एसएमएस अस्पताल में डेंगू के चार मरीज पाए जाने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टाई मच्छरों के पनपने वाली जगहों पर प्राथमिकता से दवा छिड़काव किया जाएगा। इसके अलावा पीड़ित मरीजों का घर-घर जाकर सर्वे करने और अस्पतालों को आवश्यक दवाएं तथा लोगों के खून की जांच तुरंत व्यवस्था करने को कहा गया है।
बचाव ऐसे करें: कूलर का पानी बदलते रहें। पानी की टंकियों तथा बर्तनों को ढंक कर रखें। मच्छर भगाने वाली दवा और मच्छरदानी का उपयोग करें। राज्य के सभी चिकित्सकों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी डेंगू फैलाने वाले मच्छर के प्रजनन की संभावना है, वहां एंटी लार्वा दवा का छिड़काव व अन्य उपाय किए जाएं।
-बी.आर.मीणा अतिरिक्त निदेशक, ग्रामीण स्वास्थ्य
आम जनता को डेंगू के बारे में जानकारी दी जा रही है। जनता को कूलर का पानी रोजाना साफ करने और बारिश के पानी को जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है।
-डॉ. आर.सी.शर्मा, चिकित्सा अधिकारी, जयपुर प्रथम