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जयपुर. ब्रम्हापुरी नहर के गणोशजी के समीप ब्रम्हाराम मंदिर में मंगलवार रात चोरी हो गई। चोर ताले तोड़कर भगवान के तीन छत्र, जेवर व ठोड़ी में जड़ा मूल्यवान हीरा ले गए। चोरों ने भगवान की महंगी पोशाकें,चांदी के बर्तन व दानपात्र को भी नहीं छोड़ा।
ब्रम्हाराम मंदिर के महंत ऋषि कुमार पारीक के अनुसार मंगलवार रात भगवान शयन के बाद वे घर चले गए। मंदिर के नीचे हॉल में कर्मचारी सीताराम, हरलाल, रमेश व कारपेंटर सीताराम जांगिड़ सो रहे थे। बुधवार तड़के करीब 4 बजे सीताराम उठा तो उसे मंदिर के पिछवाड़े दो-तीन लोग भागते नजर आए। उसने साथियों को जगाया और महंत के घर जाकर सूचना दी।
महंत ने मंदिर संभाला तो मुख्यद्वार व मंदिर के ताले टूटे मिले। भगवान राम की प्रतिमा की ठोड़ी में चार कैरेट का हीरा, सीताजी की नथ, कानों के झुमके, तीन छत्र, पास के कमरे में आलमारियों में रखे भगवान के महंगे वस्त्र, जेवर आदि गायब थे।
दानपात्र भी मंदिर परिसर में टूटा मिला। भगवान के भोग लगाने में काम आने वाली चांदी की कटोरी, चम्मच, गिलास, तांबे की पंच आरती भी चोर ले गए। महंत ने ब्रम्हापुरी पुलिस को सूचना दी। उप अधीक्षक योगिता मीणा, थाना इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया।
चोर पहाड़ी की तरफ मंदिर की दीवार पर लगी लोहे के तारों की फैंसिंग को तोड़ कर अंदर आए। वहां लगे पार्क से नीचे कूद कर मंदिर के मुख्यद्वार पर पहुंचे। चोरों ने रसोईघर में रखी मिठाइयां वहीं बैठ कर खरइ।
इससे पहले 16 मई को चोरों ने जवाहर नगर महाकालेश्वर मंदिर को निशाना बनाया था। वहां से तीन मूर्तियां, छत्र व दानपात्र ले गए थे। इसके बाद 5 जुलाई को आदर्शनगर दशहरा मैदान के सामने राममंदिर से चोर 7 मुकुट व चार कुंडल चोरी कर ले गए थे।