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किशनगढ़ में फिर तेजाबकांड

मदनगंज-किशनगढ़. घर में सो रही महिला पर अज्ञात नकाबपोश महिला ने तेजाब डालकर जलाने की कोशिश की। इस हादसे में महिला का चेहरा, पीठ, हाथ-पांव झुलस गया। महिला की आंखों के कोर्निया भी जख्मी हो गए। महिला को जयपुर रेफर कर दिया गया। दिन दहाड़े हुई घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर कार्यवाही शुरू की है। जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर तेली मोहल्ला स्थित सैनी भवन में दोपहर तीन बजे कृषि मंडी में आढत का काम करने वाले नरेन्द्र सैनी की पत्नी सुनीता सैनी अपने बैडरूम में सो रही थी।

मोटरसाइकिल पर नकाबपोश युवक व युवती आए। युवती मोटरसाइकिल से जगनुमा प्लास्टिक का बर्तन लेकर घर में गई और सीधे बैडरूम में जाकर सुनीता सैनी पर पूरा तेजाब उलट दिया। सुनीता की चीख-पुकार सुनकर घर में हाहाकार मच गया। परिजनों ने सुनीता को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि तेजाब की वजह से सुनीता की आंखों के कोर्निया जख्मी हो गए। चेहरा, पीठ, दोनो हाथ-पांव और पंजा झुलस गए।

तेजाब कपड़ों पर गिरने से घाव गहरे नहीं है। सुनीता की एक आंख का कोर्निया ज्यादा जख्मी होने के कारण उसे जयपुर रेफर किया गया है। अभी तक यह स्पष्ट नही हो पाया कि तेजाब डालने की वजह क्या है। और तेजाब डालने वाली नकाबपोश महिला कौन है। घटनास्थल बैडरूम से चौक मेंं रखी हाथ धोने की पानी की टंकियों तक तेजाब के निशान फैले हुए थे। उन निशानों में दो पांव भी बने हुए है। जिस महिला ने तेजाब डाला उसके पांव के निशान है और उसके पांव जले होंगे इसलिए पानी की टंकी पर भी निशान है।

दूसरा काला अध्याय
इससे पहले 31 अक्टूबर 2002 को कार्तिक स्नान कर मंदिर दर्शन के लिए जा रही दो बहनों पर असामाजिक तžवों ने तेजाब डालकर जलाने की कोशिश की थी। पुलिस ने फिरोज मोहम्मद व नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। मई 2007 में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को साढे सात वर्ष का कारावास व 50 हजार रूपए के आर्थिक दंड से दंडित किया था।

तेजाब डालकर महिला को जलाने की कोशिश की है। कारणों का पता नहीं चला है। भादस की धारा 324 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
-भवानी सिंह, जांच अधिकारी

बेटा अस्पताल में
पीडिता का विवाह करीब डेढ वर्ष पूर्व नरेन्द्र सैनी के साथ हुआ। सुनीता के दो माह का बच्चा है। बच्चे के सीने में दूध के जमाव के कारण जयपुर अस्पताल में भर्ती है। उसकी देखभाल दादी कर रही है। बच्चा मां का दूध नहीं पीता है। इसलिए सुनीता घर संभालने के लिए जयपुर से लौटकर आई थी।

स्तब्ध परिवार
दिनदहाड़े शहर के बीचो-बीच पुराना आरके हाउस के सामने जहां दिनभर चौकीदार रहते है। पीडिता सुनीता का कमरा कमरे के बाद कमरा है। पहले कमरे में ससुर भंवरलाल सैनी सो रहे थे। दूसरे कमरे के बाद के दो कमरे में एक में सुनीता और दूसरे में देवर तरूण सैनी सो रहा था।

सुनीता के कमरे में बिना जानकार व्यक्ति सीधा पहुंचना मुश्किल है। पहुंचकर घटना को नकाबपोश महिला अंजाम दे गई। मकान में चार परिवार रहते है। किसी को भी पता नहीं चला। पूरा परिवार स्तब्ध है कि दिन दहाड़े हादसा कैसे हो गया।

10 जुलाई को हुई थी चोरी तेजाब फैंकने की जिस कमरे में घटना हुई उसी कमरे की ड्रेसिंग टेबल पर पड़ा मंगलसूत्र 10 जुलाई को चोरी चला गया। इस घटना से परिवार उभर भी नही पाया था कि बुधवार को बड़ा हादसा हो गया।





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