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अजमेर. अजमेर के धार्मिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी कुरान की प्रति का रजिस्ट्रेशन अब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में करने की तैयारी शुरू हो गई है।
लिम्का बुक वालों ने कुरान शरीफ की किताबत करने वाले डॉ. नज्म-उल-हसन चिश्ती से जानकारी मांगी है। डॉ. चिश्ती के मुताबिक लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से उनको मिले पत्र में कुरान शरीफ की प्रति की लंबाई, चौड़ाई, पृष्ठों की संख्या और इसे लिखने में लगे समय की जानकारी मांगी गई है।
इस प्रति को लिखने में किसी और व्यक्ति का सहयोग लिया गया है या नहीं, क्या-क्या सामग्री उपयोग में ली गई है आदि जानकारियां मांगी गई हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में कुरान का गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में भी रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
क्यों है दावेदार..
>> दुनिया की सबसे बड़ी कुरान शरीफ की किताबत खादिम डॉ. सैयद नज्म-उल-हसन चिश्ती ने की है
>> किताबत में उन्हें 9 साल लगे
>> यह 63 पेज में है।
>> यह 8 फीट लंबी व 5 फीट चौड़ी है
>> हर पेज पर अलग-अलग तरह की बॉर्डर है
>> इसमें 110 मरतबा बिस्मिल्लाह अलग-अलग तरीके से लिखी गई है
>> जहां-जहां पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब का नाम आया है, उसे स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है
>> गिनीज वल्र्ड ऑफ रिकॉर्ड के लिए इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया है
>> ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के दौरान इसे दरगाह शरीफ में रखा गया और जियारत कराई गई
>> इस महान कार्य के लिए डॉ. चिश्ती को ऑल इंडिया काजी बोर्ड समेत विभिन्न संस्थाओं ने सम्मानित किया है