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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने राजस्थान में आईआईटी की स्थापना के लिए कोटा की बजाय राज्य सरकार से नए प्रस्ताव भेजने को कहा है। राज्य सरकार से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द ऐसे शहरों के प्रस्ताव भेजे, जहां विमान, रल और सड़क परिवहन की बेहतरीन सेवाओं के साथ जहां 500 से 600 एकड़ में जमीन भी उचित जगह पर उपलब्ध हो। राजस्थान सरकार अब केंद्र के नए प्रस्ताव पर विचार करते हुए नए शहरों में जगह देखने पर विचार करने जा रही है।
केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा सचिव आरपी अग्रवाल ने बुधवार को शिक्षा मंत्रियों के सामने देश में उच्च शिक्षा के हालात पर अपना प्रजेंटेशन देते हुए राजस्थान आईआईटी का भी जिक्र किया।
उनका कहना था कि आईआईटी के लिए कोटा को अनुपयुक्त पाए जाने के बाद अब राज्य सरकार से कहा गया है कि वह ऐसे शहरों के प्रस्ताव भेजे, जहां सभी तरह की बेहतरीन कनेक्टिविटी और भूमि की उपलब्धता हो। राजस्थान के साथ ही आंध्रप्रदेश और बिहार को भी यही निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रस्तावों में जगहों के बेहतर विकल्पों के चलते बिहार में बिहिटा और आंध्रप्रदेश में मेंडक शहरों में आईआईटी को मंजूरी दी जा चुकी है।
दावेदारी में कोटा ही सबसे भारी : केंद्र के उच्च शिक्षा सचिव ने जब ये प्रजेंटेशन दिया, तब वहां राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ भी मौजूद थे। केंद्र सरकार के अधिकारियों का कहना था कि बिहार और आंध्रप्रदेश ही नहीं, इस साल घोषित छह राज्यों में से कइयों ने दो-दो तीन-तीन वैकल्पिक प्रस्ताव भेजे हैं, जिनमें से कई जगहों पर तो मंजूरी भी दी जा चुकी है। इन राज्यों में गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश आदि हैं। लेकिन राजस्थान सरकार ने अलग-अलग विकल्प भेजने के बजाय सिर्फ एक ही जगह का नाम भेजा, जिसकी वजह से यह देरी हो रही है।
केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव ने यह कहा प्रजेंटेशन में : आईआईटी खोले जाने से संबंधित राज्य दो या तीन ऐसी वैकल्पिक जगहों के प्रस्ताव भेजें, जहां 500 से 600 एकड़ मुफ्त जमीन उपलब्ध होने के अलावा विमान, रल या सड़क यातायात की भी बेहतरीन सुविधाएं हों। बिहार और आंध्रप्रदेश में जगहों का चयन कर लिया गया है। चूंकि कोटा का प्रस्ताव मंजूर नहीं है, लिहाजा, अब राजस्थान सरकार से आग्रह किया गया है कि वह विमान, रल और सड़क यातायात की बेहतरीन सुविधाओं वाले नए विकल्प भेजे।
सराफ ने किया इनकार
उच्च शिक्षा मंत्री सराफ से जब केंद्र के इस ताजा रवैए के बार में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल राजस्थान सरकार को केंद्र से लिखित तौर पर कोटा में आईआईटी का प्रस्ताव निरस्त किए जाने की कोई जानकारी नहीं है।
अगर केंद्र सरकार नई जगहों के लिए प्रस्ताव देने को कहेगी तो इस पर विचार किया जाएगा। सराफ के अनुसार राज्य सरकार ने कोटा में सभी तैयारियां पूरी कर रखी हैं और राज्य सरकार आईआईटी कोटा में ही चाहती है। उन्होंने कोटा को भूमि के चयन और सभी तरह की कनेक्टिविटी संबंधी सुविधाओं वाला बताया।