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नई दिल्ली.विश्वासमत में गैरहाजिर रहने के बाद भाजपा से निष्कासित सांसद चंद्रभान सिंह के नई दिल्ली स्थित सरकारी निवास पर गुरुवार को पार्टी के कथित कार्यकर्ताओं ने जमकर तोड़फोड़ की। चंद्रभान का आरोप है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह व वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के इशारे पर उनकी हत्या की कोशिश की जा रही है। इस बीच, उन्होंने ऐलान किया कि वे उमा भारती की लोक जनशक्ति पार्टी में शामिल होंगे। उधर, उमा भारती ने समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह से मुलाकात की है।
सुबह करीब 11 बजे लगभग 100 लोगों ने सिंह के नार्थ एवन्यू स्थित निवास पर धावा बोल दिया। राजनाथ और आडवाणी के समर्थन में नारे लगा रहे इन लोगों नर्े ईटों और पत्थरों से खिड़की-दरवाजों के शीशे फोड़े, गमलों को नुकसान पहुंचाया और निवास के ड्राइंगरूम में भी तोड़फोड़ की। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़ा। चंद्रभान मध्यप्रदेश में दमोह से सांसद हैं।
जान का खतरा :
एक टीवी चैनल के मुताबिक, चंद्रभान की ओर से इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराए जाने के बाद 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। टीवी पर दिए इंटरव्यू में चंद्रभान ने आरोप लगाया कि राजनाथ और आडवाणी के इशारे पर ही उनके घर पर हमला हुआ और उनकी हत्या की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हमला करने वाले कार्यकर्ताओं में से कुछ के हाथ में रिवाल्वर भी थे।
उमा मिलीं अमर सिंह से :
इस बीच, गुरुवार को उमा भारती ने अमर सिंह से मुलाकात की। भेंट के बाद अमर सिंह ने पत्रकारों से कहा कि उमा भारती उनसे महिला आरक्षण विधेयक के सिलसिले में मिलने आई थीं। साथ ही रामसेतु के संबंध में केंद्र सरकार के ताजा रुख पर भी उमाभारती ने उनसे चर्चा की। सिंह ने कहा कि उमाभारती विधेयक को आगे बढ़ाने और रामसेतु के मुद्दे पर उनका समर्थन चाहती थीं।
बागी अब पीएम, सोनिया से सुरक्षा मांगे : भाजपा बागी सांसदों को पार्टी व जनता का ‘विश्वासघाती’ बताते हुए भाजपा ने कहा है कि अब इन बागियों को सुरक्षा देना प्रधानमंत्री और यूपीए अध्यक्ष की जिम्मेदारी है। दिल्ली व अन्य स्थानों पर सांसदों के निवासों पर हो रहे हमले के बारे में पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि लोगों की इस तरह की नाराजगीभरी प्रतिक्रिया कोई असाधारण बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि बागी सांसदों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर सरकार के समर्थन में वोट किया या फिर गैरहाजिर रहे। अब जब उन्होंने पार्टी का अनुशासन तोड़ दिया है तो उन्हें 7, रेसकोर्स रोड (प्रधानमंत्री निवास) और 10 जनपथ (सानिया गांधी निवास) से सुरक्षा मांगनी चाहिए। इन दोनों नेताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे इन सांसदों को सुरक्षा दें।